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सीट बंटवारे पर खींचतान , बंट जाएगा गठबंधन या रहेगा एक साथ? UP उपचुनाव राहुल-अखिलेश के लिए अग्नि परीक्षा

उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाला उपचुनाव इंडिया गठबंधन के लिए अग्निपरिक्षा जैसा है। राहुल-अखिलेश की राह सीटों के बंटवारे को लेकर जुदा जुदा भी हो सकते है। बता दें कि कांग्रेस ने 5 सीटों पर दावा किया है। कांग्रेस और सपा मिलकर चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं, लेकिन सीटों के बंटवारे पर अब तक सहमति नहीं बनी है।

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LokSabha Chunav में एक दूसरे के साथ कदम से कदम मिलकर चलने वाली इंडिया गठबंधन अब भारी मुसीबत में है। दो लड़को का जादू लोकसभा में तो जोरदार चला, पर लगता है कि इनका रंग अब फिका पड़ने वाला है। क्योंकि यूपी में होने वाले ये उपचुनाव एक अग्निपरीक्षा जैसा साबित होगा। जिसमें दो लड़के और गठबंधन टूट भी सकता है। 10 में से 5 सीटों की मांग कांग्रेस ने कर डाली है। हालांकि सपा इसपर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। सीटों के बंटवारे को लेकर सहमती बनाना गठबंधन के लिए एक बड़ा चैलेंज होगा। 


आजतक से बातचीत के दौरान यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बड़ी बात कही थी। उनका साफ तौर पर कहना था कि यूपी में कांग्रेस 5 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को उतारेगी। बता दें कि 10 सीटों पर उपचुनाव होना है। और इसपर कांग्रेस भारी भरकम तैयारी कर रही है। हर एक सीट पर कांग्रेस की तरफ से सम्मेलन किया जा रहा है। 

अजय राय ने ये भी बताया कि दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय को यूपी कांग्रेस ने पांच सीटों का प्रस्ताव भेजा है। जो आलाकमान फैसला लेंगे, उसे स्वीकार किया जाएगा। 

यूपी में दस विधानसभा की सीटों पर उपचुनाव होने है। जिनमें कटेहरी (अंबेडकर नगर), करहल (मैनपुरी), मिल्कीपुर (अयोध्या), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), गाजियाबाद, मझवां (मिर्जापुर), सीसामऊ (कानपुर शहर), खैर (अलीगढ़), फूलपुर (प्रयागराज) और कुंदरकी (मुरादाबाद) शामिल है। इनमें 9 सीटें ऐसी है। जो लोकसभा चुनाव के बाद ही खाली हुई है। ये सभी विधायक अब सांसद बन चुके है। वहीं सीसामऊ सीट से विधायक इरफान सोलंकी आपराधिक मामले में दोषी ठहराए गए जिससे उनकी सदस्यता रद्द की गई। 

अब थोड़ा उन सीटों की बात करते है, जिसपर कांग्रेस अपनी दावेदारी पेश कर रही है। कांग्रेस अपना दावा 5 सीट यानी की मझवां (मिर्जापुर), फूलपुर (इलाहाबाद), गाजियाबाद, खैर (अलीगढ़) और मीरापुर (मुजफ्फरनगर) से चुनावी मैदान में उतरना चाहती है। ये वो सीट्स है जो भाजपा के थे। इन सीटों पर भाजपा ने विधानसभा में जीत हासिल की थी। अगर साल 2022 से पहले की बात करें तो सीसामऊ, कटेहरी, करहल, मिल्कीपुर और कुंदरकी सीट पर सपा का कब्जा था। और भाजपा ने फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां और खैर में जीत हासिल की थी। 

अजय राय बार बार एक बात तो दोहरा रहें है कि विधानसभा में भी दो लड़को की जोड़ी बनी रहेगी। लेकिन सपा के तरफ से अबतक इसपर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में ये उपचुनाव काफी दिलचस्प हो चला है। देखना अहम होगा कि कांग्रेस और सपा के बीच सीटों का बंटवारा कैसे होता है। यूपी की राजनीति की दिशा और दशा कैसे बदलती है। अगर कांग्रेस औऱ सपा में सही तालमेल बैठता है। तो बीजेपी के लिए ये एक कड़ी चुनाती होगी। लेकिन अगर दोनों की राह जुदा हुई तो बीजेपी की बल्ले बल्ले हो जाएगी। खैर आपको क्या लगता है, क्या उपचुनाव की आंधी इंडिया गठबंधन को तोड़ देगी और दो लड़को में फूट आ जाएगी? 

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