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कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच सीट शेयरिंग पर फंसे पेच, संजय राउत का बड़ा खुलासा

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), और एनसीपी के बीच सीट बंटवारे पर असहमति जारी है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कांग्रेस के फैसलों में देरी का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस ने इसे चर्चा का हिस्सा बताया है। बीजेपी ने इस मुद्दे पर तंज कसा है, जिससे गठबंधन की स्थिति कमजोर होती दिख रही है।

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महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर महा विकास अघाड़ी (MVA) के सहयोगी दलों- कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), और एनसीपी के बीच सीट बंटवारे का मुद्दा सुलझ नहीं पाया है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख प्रवक्ता संजय राउत ने खुलासा किया है कि कांग्रेस नेताओं के फैसले में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता दिल्ली से अनुमति का इंतजार करते हैं, जिससे बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही। राउत का यह बयान चुनावी समीकरणों के बीच महत्वपूर्ण है, क्योंकि सीट बंटवारे पर MVA की सहमति अब भी नहीं बन सकी है।

सीट बंटवारे में क्यों हो रही है देरी?

राउत ने यह भी बताया कि एनसीपी और शिवसेना के बीच ज्यादा मतभेद नहीं हैं, लेकिन कुछ सीटें ऐसी हैं जिन पर कांग्रेस, शिवसेना, और एनसीपी तीनों का दावा है। हालांकि, कांग्रेस की केंद्रीय नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की गई है, लेकिन कुछ फैसले अभी भी पेंडिंग हैं। यह स्थिति न केवल MVA की एकता को चुनौती दे रही है, बल्कि गठबंधन की चुनावी रणनीति पर भी सवाल खड़े कर रही है।

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

राउत के बयान पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी प्रतिक्रिया दी है। नाना पटोले ने कहा कि शिवसेना के निर्णय उद्धव ठाकरे लेते हैं, लेकिन कांग्रेस का नेतृत्व राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के हाथ में है। उन्होंने साफ किया कि फैसले कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों पर होते हैं।

वहीं, पवन खेड़ा ने कहा कि सीट शेयरिंग के समय अक्सर अड़चनें आती हैं, लेकिन बातचीत से इसका हल निकाला जा सकता है। खेड़ा का मानना है कि MVA की तीनों पार्टियां अंततः एक साथ आकर समाधान ढूंढेंगी।
बीजेपी का तंज
बीजेपी ने इस मुद्दे पर तंज कसते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की स्थिति कमजोर हो गई है। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने टिप्पणी की कि पहले लोग मातोश्री में शिवसेना से बातचीत करने आते थे, लेकिन अब उद्धव ठाकरे खुद गठबंधन नेताओं के सामने सीट बंटवारे के लिए ‘कटोरा’ लेकर घूम रहे हैं।

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के लिए वोटिंग 20 नवंबर को होगी, और परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में सीट शेयरिंग का मुद्दा MVA की चुनावी तैयारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अगर MVA की तीनों पार्टियों के बीच आपसी तालमेल नहीं बनता है, तो यह गठबंधन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

संजय राउत के बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस, एनसीपी, और शिवसेना के बीच अब भी कई सवाल बने हुए हैं। हालांकि, बातचीत जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इसका समाधान निकलेगा। लेकिन अगर यह पेच नहीं सुलझा, तो MVA की चुनावी रणनीति प्रभावित हो सकती है।

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