Advertisement

Loading Ad...

तृणमूल सांसद का विवादित बयान बोले - "जहां मुस्लिम नमाज अदा करे,वही वक्फ बोर्ड की संपत्ति" ! भड़के वक्फ चीफ ने दिया जवाब

वक्फ बिल बोर्ड की संशोधन समिति के सदस्य तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि "जहां मुस्लिम नमाज अदा करे, वही वक्फ बोर्ड की संपत्ति।" इस बयान पर वक्फ चीफ जगदंबिका पाल भड़क उठे हैं।

Loading Ad...
वक्फ बोर्ड समिति के एक सदस्य के विवादित बयान से बवाल मच गया है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के बयान पर वक्फ संशोधन बिल बोर्ड समिति के चीफ भाजपा सांसद जगदंबिका पाल भड़क उठे हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जो भी कहना है समिति के अंदर रहकर कहे। समिति के बाहर बयान देने से बाज आए। तृणमूल सांसद के इस बयान पर कई लोगों ने अपना विरोध जताया है। इनमें बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

"जहां मुस्लिम नमाज अदा करे, वही वक्फ संपत्ति।" - कल्याण बनर्जी 


वक्फ संशोधन बिल पर संशोधन समिति के सदस्य तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने विवादित बयान दिया है। उनका कहना है कि "जहां मुस्लिम नमाज अदा करे, वही वक्फ बोर्ड की संपत्ति है।" सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कल्याण बांग्ला भाषा में यह बयान देते नजर आ रहे हैं। इस बयान के बाद वह देश भर में घिरते जा रहे हैं।   भाजपा के नेताओं ने उन्हें जमकर घेरा है। 

कल्याण बनर्जी के बयान पर भड़के वक्फ संशोधन बिल के चीफ - जगदंबिका पाल 


न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए  जगदंबिका पाल कल्याण बनर्जी के बयान पर भड़क उठे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी कहना है समिति के अंदर कहे, समिति के बाहर कोई भी बयान देने से बाज आएं।  कल्याण बनर्जी भी जेपीसी के सदस्य हैं। ऐसे में कोई भी विचार समिति के समक्ष रखना चाहिए। जगदंबिका पाल ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना साधा है। उनका कहना है कि "तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार विधेयक के खिलाफ राज्य विधानसभा में प्रस्ताव लाने की योजना "संसदीय लोकतंत्र और संविधान" के सिद्धांतों पर हमला है। पिछले 3 महीने के अंदर हमने कुल 29 बैठकें की 147 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनी। हमने अपने जनादेश के अनुसार संगठनों को अवसर दिए। अगर विपक्षी सांसदों को लगता है कि ज्यादा लोगों की बाते सुननी चाहिए। तो यह बैठक का बहिष्कार करने का सही तरीका नहीं है। मैंने असदुद्दीन ओवैसी,कल्याण बनर्जी और सभी विपक्षी नेताओं की बातें सुनी"।

कल्याण बनर्जी के बयान पर भाजपा आईटी सेल चीफ भी भड़के 


भाजपा आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय भी कल्याण बनर्जी के विवादित बयान पर भड़क उठे हैं। सोशल मीडिया X पर उन्होंने कहा है कि "बनर्जी की टिप्पणी का मतलब है कि सार्वजनिक स्थान,जैसे कि सड़के, रेलवे ट्रैक,हवाई अड्डे,पार्क और अन्य क्षेत्र जिनका उपयोग नमाज के लिए किया जाता है। किसी न किसी बहाने वक्फ की भूमि के रूप में दावा किया जा सकता है। इस बयान के तहत कोलकाता के महत्वपूर्ण भूमि क्षेत्रों सहित अन्य भूमि के बड़े हिस्से मुस्लिम को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे। अगर चुनावी लाभ के लिए इस तरह की चीजों को बढ़ावा दिया जा रहा। तो बंगाली समुदाय को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। यहां तक कि उनके संभावित राज्य पश्चिम बंगाल के विस्थापन का भी जोखिम है।" 

विपक्षी नेता 27 नवंबर की बैठक से बाहर हो गए थे 


वक्फ बिल बोर्ड की संशोधन समिति में शामिल विपक्षी नेता 27 नवंबर की बैठक से बाहर हो गए थे। विपक्षी नेताओं ने चिंता जताई थी कि राज्य बोर्डों की बात अभी तक नहीं सुनी गई। विपक्षी नेताओं ने समिति के कार्यकाल को बढ़ाने की बात कही थी। जो 29 नवंबर को समाप्त हो गया है। इस समिति के कार्यकाल को अगले साल के बजट सत्र तक के अंतिम दिन तक के लिए बढ़ा दिया गया है। आपको बता दें कि संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से लेकर मार्च तक चलेगा। 
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...