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आदिवासी जमीन घोटाला: पूर्व मंत्री एनोस एक्का और पत्नी मेनन एक्का को 7 साल की सजा, चार अन्य को 5-5 साल की सजा

सीबीआई ने दिसंबर 2012 में जांच पूरी कर चार्जशीट दायर की थी. कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए 5 नवंबर 2019 को आरोप तय किए थे. इस मामले में 22 अगस्त 2025 को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 30 अगस्त को फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की थी.

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सीएनटी एक्ट के उल्लंघन कर आदिवासी जमीन की अवैध खरीद के 15 साल पुराने मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन एक्का को 7-7 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत चार अन्य आरोपियों को 5-5 साल की सजा दी है.

पूर्व मंत्री और पत्नी को 7 साल की सजा

इससे पहले, विशेष न्यायाधीश एस.एन. तिवारी की अदालत ने 29 अगस्त को हुई सुनवाई में एनोस एक्का, उनकी पत्नी और अन्य को दोषी करार दिया था. दोषी ठहराए जाने के बाद सभी आरोपियों को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार भेज दिया गया था.

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1.18 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन खरीदी थी

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सीबीआई जांच में सामने आया कि एनोस एक्का ने वर्ष 2010 में सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए 1.18 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की आदिवासी जमीन खरीदी थी. यह सौदा अवैध तरीके से किया गया था, जिसकी शिकायत के बाद झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर चार अगस्त 2010 को सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी.

चार्जशीट और सुनवाई की प्रक्रिया

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सीबीआई ने दिसंबर 2012 में जांच पूरी कर चार्जशीट दायर की थी. कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए 5 नवंबर 2019 को आरोप तय किए थे. इस मामले में 22 अगस्त 2025 को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 30 अगस्त को फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की थी.

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यह मामला झारखंड में आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए बने क़ानून – छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) – के उल्लंघन से जुड़ा है, जो आदिवासी भूमि की गैर-आदिवासियों को बिक्री पर रोक लगाता है.

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