Advertisement

Loading Ad...

टीएमसी का गढ़ या भाजपा का उभार? बेहाला पूर्व की चुनावी तस्वीर

भाजपा टीएमसी की 14 साल की सरकार के खिलाफ दो-तिहाई बहुमत से जीत का दावा कर रही है. वहीं, कांग्रेस के गठबंधन में चुनाव नहीं लड़ने के फैसले को टीएमसी के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, जो वोट बंटवारे का कारण बन सकता है.

Loading Ad...

कोलकाता के दक्षिणी हिस्से में स्थित बेहाला पूर्व विधानसभा सीट राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण जगह रखती है. यह सीट कोलकाता दक्षिण लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और जनरल कैटेगरी की सीट है. हालांकि, यह कोलकाता शहर का हिस्सा है, लेकिन प्रशासनिक रूप से साउथ 24 परगना जिले में शामिल है. इस सीट में कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के 11 वार्ड आते हैं. 

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: वामपंथ से टीएमसी तक

इस सीट का इतिहास काफी पुराना है. 1951 में बनी मूल बेहाला विधानसभा सीट में समय-समय पर नाम और सीमाओं में बदलाव हुए. शुरुआती दौर में वामपंथी दलों का दबदबा रहा. 1952 में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने पहली जीत दर्ज की, फिर 1957 और 1962 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) ने कब्जा जमाया.

Loading Ad...

2011 के बाद टीएमसी का दबदबा

Loading Ad...

1967 से 2006 तक बेहाला पूर्व में हुए 11 चुनावों में सीपीआई(एम) ने 9 बार जीत हासिल की. 1972 में कांग्रेस ने यह सिलसिला तोड़ा, जबकि 2001 में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपनी पहली मजबूत उपस्थिति दिखाई. 2011 के बाद से यह सीट टीएमसी का मजबूत गढ़ बन गई है. टीएमसी ने तीनों चुनाव (2011, 2016, 2021) जीते. 2011 में सोवन चटर्जी ने कुमकुम चक्रवर्ती को 48,173 वोटों से हराया. 2016 में मार्जिन घटकर 24,294 वोट रह गया, जहां इंडिपेंडेंट अंबिकेश महापात्रा दूसरे स्थान पर रहे. 2021 में रत्ना चटर्जी ने भाजपा की पायल सरकार को 37,428 वोटों से मात दी.

भाजपा की बढ़ती मजबूती

Loading Ad...

भाजपा का यहां उभार चिंता का विषय बना हुआ है. 2011 में भाजपा का वोट शेयर सिर्फ 1.91 प्रतिशत था, जो 2016 में 10.71 प्रतिशत और 2021 में 33.15 प्रतिशत तक पहुंच गया. लोकसभा चुनावों में भी यही ट्रेंड दिखा. 2019 में टीएमसी ने 43.90 प्रतिशत (89,341 वोट) के साथ बढ़त बनाई, भाजपा को 36.10 प्रतिशत (73,483 वोट) मिले. 2024 में टीएमसी ने 45.15 प्रतिशत (97,125 वोट) हासिल किए, जबकि भाजपा 38.07 प्रतिशत (81,899 वोट) पर रही. सीपीआई(एम)-कांग्रेस गठबंधन को 14.17 प्रतिशत वोट मिले.

सामाजिक और मतदाता प्रोफाइल

2024 में यहां 313,669 रजिस्टर्ड वोटर थे, जिसमें एससी वोटर 10.16 प्रतिशत और मुस्लिम 3.80 प्रतिशत हैं. 90.35 प्रतिशत शहरी वोटरों वाली यह सीट वोटर उदासीनता दिखाती है. वोटिंग प्रतिशत 2016 के 73.83 प्रतिशत से घटकर 2024 में 68.59 प्रतिशत रह गया.

Loading Ad...

इलाक़े की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर

बेहाला पूर्व कोलकाता के सबसे पुराने रिहायशी इलाकों में से एक है. इलाका समतल और अच्छी कनेक्टिविटी वाला है. डायमंड हार्बर रोड मुख्य मार्ग है, जो मेट्रो, रेल और सड़क से जुड़ा हुआ है. आर्थिक रूप से यह छोटे व्यापार, रिटेल और सर्विसेज पर निर्भर है. तारातला से मंटन तक दुकानें, बाजार और खाने-पीने की जगहें भरी हैं. शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत हैं. आसपास जोका (6 किमी), ठाकुरपुकुर (4 किमी), तारातला (5 किमी), अलीपुर (9 किमी) और हावड़ा (15 किमी) जैसे इलाके हैं.

यह भी पढ़ें

भाजपा टीएमसी की 14 साल की सरकार के खिलाफ दो-तिहाई बहुमत से जीत का दावा कर रही है. वहीं, कांग्रेस के गठबंधन में चुनाव नहीं लड़ने के फैसले को टीएमसी के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, जो वोट बंटवारे का कारण बन सकता है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...