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तिरुपति में आस्था से बड़ा खिलवाड़, 68 लाख किलो नकली घी से बना लड्डू प्रसाद, 250 करोड़ के महाघोटाले का खेल समझिए

तिरुपति मंदिर से देश के करोड़ों भक्तों की आस्था जुड़ी हुई है. CBI ने मंदिर से जुड़ा ऐसा खुलासा किया है जिससे बवाल मच गया. तिरुपति मंदिर में 68 लाख किलो नकली घी सप्लाई किया गया जिससे प्रसाद बनता था.

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Tirumala Tirupati Devasthanams: देश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक तिरुपति बालाजी मंदिर में भक्तों के साथ बहुत बड़ा धोखा हो गया. यहां पांच साल से प्रसाद में नकली घी का इस्तेमाल हो रहा था. एक ऐसी डेयरी तिरुमला तिरुपति देवस्थानम में घी की सप्लाई कर रही थी. जिसने कभी घी मक्खन या दूध की एक बूंद तक नहीं खरीदी. 

उत्तराखंड की एक कंपनी तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को 5 साल से घी सप्लाई कर रही थी. अब तक 68 लाख किलो नकली घी की सप्लाई की जा चुकी है. इसी नकली घी से तिरुपति बालाजी का प्रसाद बनाया जा रहा था. लोगों को बेचा जा रहा था यानी कि बड़े पैमाने पर नकली घी की सप्लाई की गई थी. ये खुलासा CBI जांच में हुआ है. 

क्या है घी सप्लाई करने वाली डेयरी का इतिहास? 

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CBI जांच में खुलासा हुआ कि तिरूपति में घी सप्लाई उत्तराखंड की ‘भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी’ कर रही थी. इस कंपनी ने साल 2019 से 2024 तक घी तिरुमाला में सप्लाई किया. जबकि असल में उसने कभी दूध या मक्खन की खरीदारी नहीं की तो फिर घी बनाया कैसे? वो भी इतने बड़े पैमाने पर. ये डेयरी उत्तराखंड के हरिद्वार में भगवानपुर में स्थित है. डेयरी तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को पांच साल में 250 करोड़ का नकली घी बेच चुकी है. 

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TTD पर भी उठे सवाल 

एक फर्जी डेयरी पांच साल तक देश के बड़े धार्मिक स्थल को करोड़ों का घी सप्लाई करती रही है और किसी को भनक तक नहीं लगी. 

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क्या TTD में ऐसी कोई व्‍यवस्‍था नहीं थी जो सालों से चले आ रहे महाघोटाले का पता लगा सके? 

तिरुपति बालाजी को नकली केमिकल वाले घी का प्रसाद चढ़ता रहा और TTD को फर्क भी महसूस नहीं हुआ.

तिरुपति मंदिर में प्रसाद का ये घोटाला कई दिनों, कई महीनों से नहीं बल्कि कई सालों से चल रहा था.

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महाघोटाले से भरा ये प्रसाद लाखों करोड़ों भक्त खरीद भी रहे थे. 

कौन हैं तिरुपति में नकली घी सप्लाई करने वाले आरोपी 

CBI जांच में सामने आया कि हरिद्वार के भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के प्रमोटर पामिल जैन और विपिन जैन ने एक फर्जी देसी घी प्रोडक्शन यूनिट खड़ी की. दोनों ने दूध और मक्खन की खरीद के फर्जी दस्तावेज बनाए. इसके बाद पेमेंट रिकॉर्ड्स में हेरफेर किया. ताकि ये लगे कि सब कुछ सही तरीके से साफ सुथरा हो रहा है. 

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CBI की विशेष टीम SIT ने इस मामले में एक शख्स को अरेस्ट किया है. जिसका नाम अजय कुमार सुगंध है. अजय भोले बाबा डेयरी को मोनोडाइग्लिसराइड्स (monodiglycerides) और एसेटिक एसिड एस्टर सप्लाई करता था. जो खतरनाक केमिकल होते हैं. ये केमिकल घी में बनावट और स्थिरता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. कंपनी के प्रमोटर्स ने स्थानीय पशुपालकों से दूध खरीद के फर्जी रिकॉर्ड भी दिखाए जिनका पशुपालकों ने खंडन किया. 

मक्खन नहीं पाम ऑयल से बनाया गया घी 

SIT की जांच में सामने आया कि घी बनाने में मक्खन नहीं बल्कि पाम ऑयल और केमिकल का इस्तेमाल किया जाता था. इतना ही नहीं घी के कई स्टॉक तो जानवरों की चर्बी मिलाकर तैयार किए गए थे. बताया गया कि TTD ने साल 2022 में भोले बाबा डेयरी को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया था. बाद में कंपनी ने नाम बदलकर और धोखाधड़ी के जरिए तिरुपति में घी सप्लाई किया था.  
CBI ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में बताया कि यह मामला केवल धोखाधड़ी नहीं बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर अपराध है. जांच एजेंसी पता लगा रही है क्या TTD के अधिकारी तो इसमें शामिल नहीं हैं? 

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तिरुपति में 200 साल पुरानी है प्रसाद की परंपरा 

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तिरुपति बालाजी मंदिर देश के करोड़ों भक्तों की आस्था का विषय है.  यहां प्रसाद की परंपरा 200 साल से चली आ रही है. साल 1803 से बूंदी को प्रसाद के के रूप में बांटा जा रहा था. इसके बाद 1940 से बूंदी की जगह पर श्रद्धालुओं को लड्डू का प्रसाद दिया जाने लगा. 

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