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'बाबर को महान बताने वाले भारत के गद्दार...', बाबरी मस्जिद के शिलान्यास पर भड़के बाबा रामदेव, कहा- यहां शिव और सनातन का देश

न्यूज एजेंसी से बातचीत करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि '6 दिसंबर का दिन गुलामी के प्रतीक को हटाने का दिन है. भारत की जनता जाग चुकी है. यह किसी भी विदेशी हमलावर का महिमामंडन नहीं होने देगी. भारत बाबर का देश नहीं है. यह महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, भगत सिंह, सनातन और भगवान शिव का देश है.'

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तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास किया गया. यह कार्यक्रम 6 दिसंबर को रखा गया था, जिसमें 2 लाख से ज्यादा मुस्लिम इकट्ठा हुए. निलंबित विधायक के इस कदम से देशभर में माहौल गर्मा गया है. बीजेपी के अलावा कई अन्य हिंदू संगठनों ने चेतावनी देते हुए इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. यह पूरा मामला विवादों की एक मुख्य कड़ी बनता जा रहा है. इस बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने भी बाबरी मस्जिद के शिलान्यास पर अपना बयान दिया है. 

'बाबर का महिमामंडन करने वाले भारत के गद्दार' 

न्यूज एजेंसी से बातचीत करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि '6 दिसंबर का दिन गुलामी के प्रतीक को हटाने का दिन है. भारत की जनता जाग चुकी है. यह किसी भी विदेशी हमलावर का महिमामंडन नहीं होने देगी. भारत बाबर का देश नहीं है. यह महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, भगत सिंह, सनातन और भगवान शिव का देश है. बाबर एक विदेशी आक्रमणकारी था, जो भी लोग उसके नाम को महान बताना चाहते हैं, वह भारत के गद्दार हैं. ऐसे लोगों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे.' 

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'हम इस्लाम या मुसलमान के खिलाफ नहीं' 

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बाबा रामदेव ने अपनी बात आगे बढ़ते हुए कहा कि 'हम इस्लाम या मुसलमान के खिलाफ नहीं है, क्योंकि बाबर न तो इस्लाम का अनुयायी था और न ही मुसलमान का था. वह सिर्फ एक क्रूर हमलावर था और उसका महिमामंडन होना चाहिए.'

'मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास हुआ'

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बता दें कि 6 दिसंबर को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास किया. इस कार्यक्रम के दौरान 2 लाख से ज्यादा मुस्लिम एक साथ नजर आए. पश्चिम बंगाल के अलावा कई अन्य राज्यों से भी लोग पहुंचे. हजारों जवानों की फौज सुरक्षा में तैनात थी, ताकि कोई बवाल न हो. कई ट्रालियों में भरकर ईंट लाए गए. इसके अलावा चंदा भी इकट्ठा किया गया. सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम से जुड़ी कई वीडियो जमकर वायरल हो रही हैं. 

'देश में धार्मिक स्थल बनाने का अधिकार संविधान देता है'

बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने के बाद निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने विरोधियों को जवाब देते हुए कहा कि 'देश में धार्मिक स्थल बनाने का अधिकार संविधान देता है. ऐसे में वह कोई असंवैधानिक काम नहीं कर रहे हैं. कोई भी मंदिर बना सकता है, कोई भी चर्च बना सकता है, तो मैं मस्जिद क्यों नहीं बन सकता? कहा जा रहा है कि हम मस्जिद नहीं बना सकते यह कहीं लिखा नहीं है.' 

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'हिंदुओं ने बाबरी मस्जिद को ढहाया था' 

कबीर ने आगे कहा कि 'सुप्रीम कोर्ट के फैसले में यह बात स्पष्ट है कि बाबरी मस्जिद को हिंदुओं ने ढहाया था, हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए वहां मंदिर बनाने का निर्णय हुआ. अब हम देखते हैं कि सागरदिघी में राम मंदिर का शिलान्यास हो रहा है, लेकिन संविधान हमें मस्जिद बनाने की अनुमति देता है.' 

'ऐसी चुनौतियां मस्जिद निर्माण को रोक नहीं पाएंगी'

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इस मुद्दे को लेकर कबीर ने कहा कि 'उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई होगी, लेकिन ऐसी चुनौतियां मस्जिद निर्माण को रोक नहीं पाएंगी. मेरे खिलाफ कुल 5 मामले दर्ज हैं, लेकिन जिसे अल्लाह का साथ मिला हो, उसे कोई नहीं रोक सकता.' 

मस्जिद का बजट 300 करोड़ 

कबीर ने आगे कहा कि 'इस मस्जिद का बजट 300 करोड़ रुपए रखा गया है. इसके अलावा इस मस्जिद में एक अस्पताल, अतिथि गृह और एक सभा भवन का भी निर्माण किया जाएगा.' 

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बता दें कि मस्जिद निर्माण की नींव रखने के दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच मंच पर हुमायूं कबीर और कई मौलवियों ने एक साथ फीता काटकर इसकी औपचारिकता पूरी की. यह कार्यक्रम उस दौरान हुआ, जब 6 दिसंबर को अयोध्या के विवादित ढांचे बाबरी मस्जिद के विध्वंश के 33 साल पूरे हुए. 

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