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आंतकियों के सफ़ाये के लिए इस अफ़सर ने हाथ में उठाई AK-47 और फिर..

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में रविवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी हुई। इसके बाद से सुरक्षाकर्मी आतंकवादियों की तलाश में लगे हुए हैं। जम्मू और कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात भी सोमवार को घने जंगलों में तलाशी अभियान में शामिल हो गए। पुलिस महानिदेशक का इस तरह के ऑपरेशन में शामिल होना बहुत ही असामान्य बात है

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जम्मू - कश्मीर में सीमापार से आने वाले आतंकियों को चुन-चुनकर ठिकाने लगाने के लिए और घाटी से आतंक का नामोनिशान मिटा देने के लिए सेना का ऑपरेशन जारी है।भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव सन्याल में दहशत का माहौल है। यहां आतंकियों की मौजूदगी का पता चलने के बाद उन्हें खोजकर तत्काल जहन्नुम पहुंचा के लिए सुरक्षाबल बेचैन है। इसके लिए बीते दिन। दिन ढलते ही गांववालों ने बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया। चारों तरफ़ घनें जंगलों में आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी रहा। और इसे लीड करते दिखे आतंक पर कड़ा प्रहार करने वाले, जिनसे दहशरतगर्द भी कांप जाते हैं।जम्मू और कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात। एक ऐसा कड़क अफ़सर जो आतंकियों पर क़हर बनकर टूटता है। उसके सामने आ जाने से आतंकियों की जहन्नुम की टिकट तत्काल कट जाती है। यहीं कड़क अफ़सर नलिन प्रभात जब हाथ में AK-47 लेकर घने जंगलों में निकल पड़े तो उनका बढ़ता एक-एक कदम आतंकियों के कलेजे को कंपा देने वाला था। इस इलाक़े में आतंकियों के छिपे होने की ख़बर मिलते ही क़रीब 30 सालों बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई जब जम्मू-कश्मीर का सबसे बड़ा पुलिस अधिकारी हाथ में AK-47 लेकर तलाशी के लिए निकल पड़े।


सूत्रों के हवाले से DGP को जानकारी मिली थी की आतंकवादी पाकिस्तान से सीमा पार करके हीरानगर सेक्टर के सानियाल गांव में घुस आए थे। वहां उनकी मुलाकात कुछ स्थानीय लोगों से हुई, जिन्होंने खतरे की घंटी बजाई। इसके बाद रविवार शाम को सुरक्षा बलों और जंगलों में छिपे आतंकवादियों के बीच थोड़ी देर के लिए गोलीबारी हुई।DGP उसी दिन शाम तक घटनास्थल पर पहुंच गए थे और आधी रात तक वहीं रहे। फिर अगली सुबह वो तलाशी अभियान में शामिल होने के लिए निकले और हाथ में AK-47 लेकर आतंकियों को खोजते रहे। हालांकि आतंकी तो यहां से भाग निकले लेकिन सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों को उनका ठिकाना मिला। वहां से चार एम-4 राइफल मैगजीन, 4 आईडी पैक, बुलेटप्रूफ जैकेट, कई जोड़ी जूते, स्लीपिंग बैग और ट्रैक सूट बरामद हुए। DGP नलिन प्रभात की ये तस्वीर कोई सामन्य तस्वीर नहीं है। किसी पुलिस प्रमुख का इस तरह अभियान में शामिल होना कोई छोटी बात नहीं है।

नलिन प्रभात वैसे भी कोई सामन्य अफ़सर नहीं है उनके बारे में जानेंगे लेकिन एक बार जम्मू के इस इलाक़े में क्या हुआ ये जानिेए।

दरअसल, 23 मार्च शाम 6:30 बजे हीरानगर सेक्टर में आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ शुरू हुई थी विजिबिलिटी कम होने के कारण एनकाउंटर रोका गया था।24 मार्च सुबह एनकाउंटर दोबारा शुरू किया गया।

सुरक्षाबलों को इनपुट मिला था कि 4-5 आतंकियों के दो ग्रुप ने 22 मार्च को घुसपैठ कर चुके हैं इसके बाद LoC से 5 किमी दूर सान्याल गांव में एक नर्सरी के बाड़े में आतंकियों की मौजूदगी की खबर मिली सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों पर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

आतंकियों की गोली से 7 साल की बच्ची घायल हो गई लकड़ी इकट्ठा कर रही एक महिला ने बताया कि आतंकवादियों ने उसके पति को उस समय पकड़ लिया और उसे भी पास आने को कहा, लेकिन पति के इशारे पर वो भाग निकली।

महिला की आवाज सुनकर पास ही घास काट रहे दो और लोग वहां आ गए इस बीच उसका पति भी आतंकियों से बच निकला इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई महिला ने बताया कि पांच आतंकी थे सभी दाढ़ी रखे हुए थे और कमांडो ड्रेस पहने हुए थे।

हिमाचल प्रदेश में जन्में नलिन प्रभात ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से एम.ए किया है।

1992 बैच के IPS अधिकारी नलिन प्रभात ने आंध्र प्रदेश और केंद्र सरकार के लिए कई पदों पर काम किया है उन्होंने CRPF के अतिरिक्त महानिदेशक के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में CRPF IGP के रूप में काम किया नलिन प्रभात NSG के महानिदेशक रहे हैं।

कश्मीर में एक बार फिर आतंकी हमलों को बढ़ता देख पिछले साल चुनाव से पहले उन्हें जम्मू - कश्मीर का DGP बनाकर भेजा गया।
 
उन्हें तीन बार वीरता के लिए पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया था इसी के साथ पराक्रम पदक, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक, आंतरिक सुरक्षा पदक, आंतरिक सुरक्षा पदक (जम्मू-कश्मीर), पुलिस (विशेष कर्तव्य) पदक से सम्मानित किया गया है।

जम्मू-कश्मीर में साल 2009 में लाल चौक पर हुए आतंकी हमले के दौरान नलिन प्रभात ने ऑपरेशन का नेतृत्व किया था इस दौरान उन्होंने अपनी टीम के साथ श्रीनगर के एक होटल पर हमला करने वाले आतंकवादियों को मार गिराया था।

घाटी में आतंक के सफ़ाये के लिए इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित किया की पाकिस्तान से आने वाले हर तरह के आतंक के लिए हमारे जवान मुस्तैद हैं। आंतकियों को तो जल्द ठिकाने लगा ही दिया जाएगा लेकिन इस ऑपरेशन से एक और मेसेज गया कि घाटी में आतंक को कुचलने के लिए फ़ौलादी जिगर वाले अफ़सर DGP नलिन प्रभात ख़ुद मुस्तैद हैं अब आपको जरा पाकिस्तान परस्त आतंक के ख़िलाफ़ उनके तेवर पर दिखला देते हैं कैसे जब वो जम्मू - कश्मीर में CRPF ADG थे तब उन्होंने पाकिस्तान को दो टूक जवाब देते हुए कह दिया था कि तुम्हारे दिन अब पूरे हुए।
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