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यही है हिंदुस्तान की ताकत, Super Power America भी Modi से लगा रहा गुहार
तारीख बदलती गई। महीने बदलते गये। साल बदलते गये। नहीं बदले तो रूस और यूक्रेन के हालात। दोनों देशों के बीच आज भी जंग जारी है। जिसे रोकने के लिए अब दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई जा रही है। और ये गुहार कोई और नहीं। दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका लगा रहा है ।
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Narendra Modi : 22 फरवरी साल 2022। यही वो तारीख है। जब दुनिया के सबसे ताकतवर देश रूस और यूक्रेन के बीच जंग की शुरुआत हुई ।और दोनों तरफ से तबाड़तोड़ वार पलटवार किया गया। जब युद्ध शुरू हुआ तो पूरी दुनिया को ये उम्मीद थी कि। ये युद्ध ज्यादा से ज्यादा। एक महीने दो महीने। तीन महीने। या एक साल तक चलेगा। लेकिन हैरानी की बात ये है कि धीरे धीरे। तारीख बदलती गई। महीने बदलते गये। साल बदलते गये। नहीं बदले तो रूस और यूक्रेन के हालात। दोनों देशों के बीच आज भी जंग जारी है।जिसे रोकने के लिए अब दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री Narendra Modi से गुहार लगाई जा रही है। और ये गुहार कोई और नहीं। दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका लगा रहा है।
दरअसल दुनिया के तमाम बड़े देशों ने रूस और यूक्रेन के बीच जंग रोकने की बहुत कोशिश की। लेकिन इसके बावजूद युद्ध के मैदान में ना तो रूस पीछे हटा। और ना ही यूक्रेन पीछे हटने को तैयार है। अमेरिका। ब्रिटेन, फ्रांस जैसे देशों ने तो ताकतवर संगठन G8 से रूस को निकाल दिया। उसे कच्चा तेल लेना बंद कर दिया। यहां तक कि कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए। लेकिन इसके बावजूद रूस को नहीं रोक सका। और अब दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका ने पीएम मोदी से गुहार लगाई है कि वो युद्ध रोकने में मदद करें। एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने भारत से गुहार लगाते हुए कहा कि।
"भारत का रूस के साथ संबंध मजबूत है यह सब जानते हैं, अमेरिका की ओर से बोलते हुए हमने भारत को रूस के साथ अपने अच्छे संबंधों को सही दिशा में इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया है, भारत के पास राष्ट्रपति पुतिन से उनके द्वारा शुरू किये गये युद्ध को खत्म करने और इस जंग में स्थायी शांति समाधान खोजने का पूरा मौका है, मोदी व्लादिमिर पुतिन को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करने के लिए कह सकते हैं, रूस के साथ डील करने के मामले में भारत अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है"
खुद को सुपर पॉवर कहने वाले अमेरिका में भी इतना दम नहीं है कि वो रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग रुकवा सके। इसीलिये लगातार भारत से गुहार लगा रहा है। और ये कोई पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने भारत से जंग रुकवाने के लिए गुहार लगाई हो। इससे पहले व्हाइट हाउस की ओर से भी इसी तरह का बयान आया था। जब व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन जीन पियरे ने एक बयान में कहा था कि।
"भारत चाहे तो राष्ट्रपति पुतिन से अनुरोध कर युद्ध रुकवा सकता है, अमेरिका ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि यूक्रेन में चल रहे जंग को पुतिन ही खत्म कर सकते हैं क्योंकि यह युद्ध उन्होंने ही शुरू किया है"
सुपर पॉवर अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हिंदुस्तान से युद्ध रुकवाने के लिए यूं ही गुहार नहीं लगा रहा है। दरअसल ये बात अमेरिका भी अच्छी तरह से जानता है कि जब पश्चिमी देशों ने रूस का बायकॉट कर दिया था। उस वक्त भारत ही रूस के साथ खड़ा था। और तमाम विरोध के बावजूद रूस से तेल खरीदा ।इसी दोस्ती की वजह से रूस भी भारत को अपना सच्चा दोस्त मानता है। इसीलिये रूस दौरे पर गये पीएम मोदी को राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने खुद उन्हें रूस का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रूय से नवाजा था।
ये अवॉर्ड ही रूस और भारत की दोस्ती का सबसे बड़ा सबूत है। यही वजह है कि खुद को तोप समझने वाला अमेरिका भी रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध रोकने के लिए भारत के कदमों में गिर कर गुहार लगा रहा है। और भारत में कुछ मोदी विरोधी ऐसे हैं। जो पूछते हैं पिछले दस सालों में मोदी सरकार ने किया क्या है। पिछले दस सालों में मोदी सरकार ने विदेश नीति के मामले में हासिल क्या किया है। ऐसे सवाल उठाने वाले मोदी विरोधियों के मुंह पर अमेरिका से आई ये गुहार करारा तमाचा है। मोदी राज में जिस तरह से हिंदुस्तान एक ताकतवर देश बन रहा है।
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