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'यही वह धोखाधड़ी है...' वोटर आईडी विवाद में BJP नेता अमित मालवीय का पवन खेड़ा पर बड़ा हमला, चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा पर डबल वोटर आईडी का विवाद गहराया है. भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि खेड़ा ने पुराने ईपीआईसी नंबर को रखते हुए नया नंबर हासिल किया, जो चुनाव कानून का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि खेड़ा ने स्थानांतरण के लिए गलत फॉर्म-6 भरा, जबकि इसके लिए फॉर्म-8 निर्धारित है.

Amit Malviya (File Photo)
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कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की डबल वोटर आईडी को लेकर राजनीति फिर गरमा गई है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पवन खेड़ा ने चुनाव कानून का उल्लंघन किया है और इस मामले में चुनाव आयोग को सख्त कदम उठाने चाहिए.

पवन खेड़ा पर डबल वोटर आईडी का आरोप

अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि पवन खेड़ा ने अपने पुराने ईपीआईसी नंबर को बरकरार रखते हुए नए ईपीआईसी नंबर के लिए आवेदन किया था. यह चुनाव कानून का घोर उल्लंघन है क्योंकि इसका मतलब है कि उन्होंने अपने पास दो वोट रखे.

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फॉर्म भरने को लेकर विवाद

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मालवीय ने कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया. सिंघवी ने बताया था कि पवन खेड़ा ने नई दिल्ली (40) से जंगपुरा (41) विधानसभा क्षेत्र में नाम स्थानांतरित करने के लिए मतदाता पंजीकरण नियम-1960 के तहत फॉर्म-6 भरा था. इस पर मालवीय ने तर्क दिया कि पता बदलने या निर्वाचन क्षेत्र बदलने के लिए फॉर्म-8 होता है, जबकि फॉर्म-6 सिर्फ नए मतदाताओं के लिए है. मालवीय के अनुसार, पवन खेड़ा ने जानबूझकर गलत फॉर्म भरकर नया नंबर हासिल किया.

यही है असली धोखाधड़ी: मालवीय

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भाजपा आईटी सेल प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, “यही वह धोखाधड़ी है, जिसे राहुल गांधी ने अपने फर्जी वोट चोरी कार्यक्रम में फैलाने की कोशिश की थी. अब यह साफ हो गया है कि पवन खेड़ा ने अपने पुराने नंबर को रखते हुए नया ईपीआईसी नंबर लिया.”

कांग्रेस पर सीधा हमला

मालवीय ने कहा कि वोट चोरी के मुद्दे पर सबसे ज्यादा आवाज उठाने वाले ही खुद चुनावी कदाचार में दोषी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का तंत्र ऐसे "वोट चोरों" से भरा पड़ा है. मालवीय ने यहां तक कहा कि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले भी खुद को मतदाता सूची में दर्ज करवाया था. उन्होंने दावा किया कि 1980 और 1983 दोनों में सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में जोड़ा गया था. अपनी पोस्ट में अमित मालवीय ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए. उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हैं, वही असल में सबसे बड़े धोखेबाज निकल रहे हैं.

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अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाता है और कांग्रेस पवन खेड़ा पर लगे आरोपों को लेकर क्या सफाई देती है. फिलहाल भाजपा ने मुद्दा गरमा दिया है और विपक्ष पर तीखा हमला बोला है, जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है.

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