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वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर राज्यसभा में होगा घमासान, चर्चा के लिए 8 घंटे का समय

गुरुवार को राज्यसभा में सरकार पेश करेगी। जहां लोकसभा की तरह इस बिल पर राज्यसभा में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

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लोकसभा में बुधवार को सरकार की तरफ से अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। जिस पर सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष के बीच हुई लगभग 11 घंटे की तीखी बहस के बाद डर रात क़रीब दो बजे इसे पारित किया गया। लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 288 वोट जबकि बिल के खिलाफ 232 वोट पड़े। सरकार ने कहा इस विधेयक का मूल उद्देश्य वक्फ की सम्पत्तियों के प्रशासन में सुधार करना, सपत्तियों का प्रबंधन, बोर्ड के नियम की जटिलताओं का समाधान करना, साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चहित करना है। इस बिल को गुरुवार को राज्यसभा में सरकार पेश करेगी। जहां लोकसभा की तरह इस बिल पर राज्यसभा में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। 


कांग्रेस की तरफ से वक्ताओं की लिस्ट तैयार 

सूत्रों के अनुसार, सरकार राज्यसभा सदन में वक्फ संशोधन बिल पर गुरुवार को दोपहर 1 बजे से चर्चा शुरू कर सकती है। इस बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय किया गया है। हालाँकि इसमें बदलाव भी किया जा सकता है। वही कांग्रेस को क़रीब  45 मिनट का समय मिलेगा जिसमें पार्टी के प्रमुख नेता अपनी राय रखेंगे। कांग्रेस पार्टी ने इस बिल पर चर्चा के लिए वक्ताओं की सूची तैयार की है। जिसमें पहले वक़्ता नसिर हुसैन होंगे। हुसैन वक्फ को लेकर बनाई गई जेपीसी कमेटी के सदस्य भी रह चुके है। इनके अलावा अभिषेक मनु सिंघवी, इमरान प्रतापगढ़ी भी कांग्रेस की तरफ़ से पार्टी की बात रखेंगे। 


गृहमंत्री शाह ने दी प्रतिक्रिया 

वही इस बिल को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा लोकसभा में विपक्ष के सांसदों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा वक्फ पर प्रस्तावित कानून के नाम पर मुस्लिमों को गुमराह न करें। यह संसद से पारित किया गया कानून होगा। जिसे पूरे देश को मनना होगा, विपक्ष इसको लेकर सिर्फ़ वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है। 

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