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Lok Sabha में आए दो ऐसे मौके जब PM Modi ने की नेता विपक्ष Rahul Gandhi की मदद !

पहली बार विपक्ष के नेता की बड़ी जिम्मेदारी संभालने के बाद राहुल गांधी जब पहली बार संसद पहुंचे तो एक अलग ही नजारा देखने को मिला। खास कर दो मौके ऐसे आए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहली बार विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संभाल रहे राहुल गांधी की मदद करते हुए देखा गया।

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी को अब तक आपने सड़क से लेकर संसद तक लड़ते ही देखा होगा, लेकिन पहली बार विपक्ष के नेता की बड़ी जिम्मेदारी संभालने के बाद राहुल गांधी जब पहली बार संसद पहुंचे तो एक अलग ही नजारा देखने को मिला।खास कर दो मौके ऐसे आए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहली बार विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संभाल रहे राहुल गांधी की मदद करते हुए देखा गया।

राहुल की मदद कर मोदी ने जीता दिल

दरअसल लगातार तीसरी बार देश की सत्ता संभालते ही मोदी सरकार के सामने पहली चुनौती थी अपना स्पीकर बनाना, क्योंकि बीजेपी के पास बहुमत नहीं था। इसीलिये कांग्रेस ने के सुरेश को विपक्ष की ओर से स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार बना दिया, लेकिन मोदी सरकार ने इतनी जबरदस्त तरीके से फ्लोर मैनेजमेंट किया कि चुनाव की नौबत ही नहीं आई।ध्वनिमत से ओम बिड़ला को स्पीकर चुन लिया गया और अब मौका था। ओम बिड़ला को स्पीकर की कुर्सी तक पहुंचाने की इस परंपरा को प्रधानमंत्री और नेता विपक्ष एक साथ निभाते हैं।इसीलिये सबसे पहले पीएम नरेंद्र मोदी अपनी सीट से उठ कर ओम बिड़ला की सीट के पास गये,तो वहीं कुछ ही देर बाद नेता विपक्ष राहुल गांधी भी पहुंचे। जिन्हें देखते ही खुद पीएम मोदी ने इशारा किया कि आप भी स्पीकर ओम बिड़ला का अभिवादन करें, पीएम मोदी से इशारा मिलते ही राहुल गांधी आगे बढ़े और सबसे पहले ओम बिड़ला से हाथ मिलाकर उन्हें स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी।तो वहीं कुछ ही देर बाद पीएम मोदी से भी हाथ मिलाया।

ये पहला मौका था जब पहली बार नेता विपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे राहुल गांधी की पीएम मोदी ने पूरी मदद की तो वहीं कुछ ही देर बाद पीएम मोदी, राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, ओम बिड़ला को स्पीकर की चेयर तक लेकर गये।इसी दौरान एक और मौका आया जब पीएम मोदी पहली बार नेता विपक्ष बने राहुल गांधी की मदद करते हुए नजर आए। ये मौका तब आया जब कुर्सी पर बैठने से पहले पीएम मोदी ने स्पीकर ओम बिड़ला से हाथ मिलाकर बधाई दी। तो वहीं पीछे हाथ बांध कर खड़े राहुल गांधी को भी आगे बढ़ कर स्पीकर को बधाई देने का इशारा किया।

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राहुल गांधी साल 2004 से लगातार पांचवीं बार सांसद बन कर सदन में आए हैं। लेकिन इन बीस सालों में पहली बार कांग्रेस ने उन्हें लोकसभा में नेता विपक्ष जैसे बड़े पद की जिम्मेदारी दी है।यही वजह है कि पीएम मोदी कई मौके पर नए नवेले नेता विपक्ष राहुल गांधी की मदद करते हुए देखे गये यही होती लोकतांत्रिक परंपराएं। जब तमाम नेता सदन के अंदर एक दूसरे पर वार पलटवार करने के साथ ही लोकतांत्रिक परंपराओं का भी निर्वहन करते हैं। लेकिन ये बात शायद राहुल गांधी नहीं जानते हैं, इसीलिये लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देना भी मुनासिब नहीं समझा।जबकि पीएम मोदी चुनाव हारने के बावजूद कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पद संभालने पर बधाई देते रहे हैं। बहरहाल पहली बार नेता विपक्ष की जिम्मेदारी संभालने जा रहे राहुल गांधी की पीएम मोदी ने जिस तरह से मदद की है।

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