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UKSSSC पेपर लीक प्रदर्शन को थी हाईजैक की साजिश, NMF News के पत्रकार ने अराजक तत्वों की खोली पोल तो की मारपीट, FIR दर्ज
UKSSSC Paper Leak: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर देहरादून में बेरोजगार संघ का प्रदर्शन जारी है. छात्रों के इस प्रदर्शन में अब कुछ पॉलिटिकल पार्टियां भी अपना राजनीतिक हित साधने के उद्देश्य से कूद पड़ी हैं. छात्रों के धरने को उपद्रवियों ने हाईजैक कर लिया है. इस बीच कुछ अराजक तत्वों ने धरनास्थल पर पत्रकारों के साथ मारपीट की और उनके कैमरे तोड़ने की कोशिश की. इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है.
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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं. दरअसल, प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि बीते रविवार को आयोजित UKSSSC की भर्ती परीक्षा के शुरू होने के कुछ देर बाद ही उसका पेपर लीक हो गया. अब युवाओं की मांग है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा को निरस्त किया जाए, साथ ही पेपर लीक की CBI जांच कराई जाए.
देहरादून के परेड ग्राउंड के बाहर चल रहा बेरोजगार संघ का प्रदर्शन अब दूसरा रूप लेता जा रहा है. इस मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी पहले ही आश्वासन दे चुके हैं कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी, और जो भी दोषी होगा उसे किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हैं.
शुक्रवार को बेरोजगार संघ से जुड़े युवाओं को समझाने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह भी धरना स्थल पहुंचे, लेकिन युवा नहीं माने और प्रकरण की सीबीआइ जांच की मांग पर अड़े रहे.
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इस दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि वह भी सामान्य परिवार से निकलकर आए हैं, ऐसे में युवाओं की संवेदनाओं को समझते हैं. जहां तक पेपर आउट होने का मामला है तो इस पूरे मामले की SIT विवेचना कर रही है. एक महीने में पूरी रिपोर्ट आ जाएगी, जोकि मीडिया के समक्ष रखी जाएगी. यदि युवाओं को इस रिपोर्ट पर कोई संदेह होता है तो तभी सीबीआइ जांच करवाई जा सकेगी. सीबीआइ जांच के लिए राज्य की एजेंसी की जांच रिपोर्ट भी जरूरी है.
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अधिकारियों की बात पूरी भी नहीं हुई थी कि युवा सीबीआइ जांच के नारे लगाने लगे, जिसके बाद जिलाधिकारी व एसएसपी वहां से चले गए.
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युवाओं के आंदोलन में कुछ राजनीतिक पार्टियां भी कूदीं
छात्रों के इस प्रदर्शन में अब कुछ पॉलिटिकल पार्टियां भी अपने राजनीतिक हित साधने के उद्देश्य से कूद पड़ी हैं. लोग कह रहे हैं कि छात्रों के धरने को उपद्रवियों ने हाईजैक कर लिया है. पेपर लीक को लेकर आंदोलन कर रहे बेरोजगार संघ को समर्थन देते हुए कुछ क्षेत्रीय पार्टियों ने सरकार से मामले की सीबीआई जांच करने की मांग की है.
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धरना की कवरेज करने पहुंचे दिल्ली के पत्रकार से मारपीट
बेरोजगार संघ के धरना-प्रदर्शन को कवर करने पहुंचे NMF NEWS चैनल के पत्रकार व कैमरामैन से कुछ युवकों ने मारपीट कर दी. दरअसल, पत्रकार ने युवाओं के इस आंदोलन में कुछ लोगों द्वारा विवादित बयान और भड़काऊ नारेबाजी से जुड़ा सवाल किया तो वहां मौजूद कुछ अराजक तत्व भड़क गए. युवाओं के आंदोलन में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की, उनके साथ मारपीट और उनका कैमरा भी तोड़ दया. इस मामले में डालनवाला कोतवाली में अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस को दी तहरीर में पत्रकार सुमित तिवारी ने बताया कि वह न्यूज चैनल में रिपोर्टर है.
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25 सितंबर को सुमित तिवारी देहरादून में बेरोजगार संघ की ओर से किए जा रहे धरना-प्रदर्शन को कवर करने आए थे. इस दौरान उनके कैमरामैन उमाकांत उपाध्याय भी साथ थे. सवाल पूछने पर संगठन व धरने पर मौजूद कुछ उपद्रवियों ने उनके साथ गाली गलौज और मारपीट की. यही नहीं इन लोगों ने पत्रकार को देख लेने की धमकी दी. जब पत्रकार सुमित तिवारी ने उनसे कारण जानना चाहा तो उन्होंने गाड़ी तोड़ने और जान से मारने की धमकी देते वहां चले जाने को कहा.
पत्रकार से मारपीट की घटना को लेकर FIR दर्ज
इसी बीच वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव कर पत्रकार को बचाया. प्रभारी निरीक्षक डालनवाला कोतवाली मनोज मैनवाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
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