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सीएम योगी के आदेश पर यूपी में मचा हड़कंप ! एक साथ 4,000 लोगों पर हुआ बड़ा एक्शन! जाने किन-किन शहरों में हुई कार्रवाई

यूपी सरकार के परिवहन विभाग के परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह के निर्देशानुसार प्रदेश भर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान ई-रिक्शा और ऑटो चालकों पर बड़ी कार्रवाई हुई। पूरे प्रदेश भर में 915 ई-रिक्शा को सीज किया गया। बाकी 3035 वाहन चालकों का चालान काटा गया। इस अभियान को पूरे प्रदेश भर में जनपद स्तर पर चलाया जा रहा है। सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा प्रदेश भर में एक ऐसा अभियान चलाया गया। जिसको देखते ही लोगों के बीच हड़कंप मच गया। यह अभियान ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ था। इसका नेतृत्व परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने किया। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के कमिश्नर, डीएम और पुलिस कप्तानों को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान पूरे प्रदेश में 915 ई-रिक्शा को सीज और 3035 का चालान किया गया। इसके अलावा सघन चेकिंग अभियान भी चलाया गया। राजधानी लखनऊ के मुख्यालय से इसकी मॉनिटरिंग हुई। जानकारी के लिए बता दें कि यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा।

सीएम योगी के आदेश पर प्रदेश में चला सघन चेकिंग अभियान 

परिवहन विभाग के आयुक्त बृजेश नारायण सिंह के निर्देशानुसार प्रदेश भर में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान ई-रिक्शा और ऑटो चालकों पर बड़ी कार्रवाई हुई। पूरे प्रदेश भर में 915 ई-रिक्शा को सीज किया गया। बाकी 3035 वाहन चालकों का चालान काटा गया। इस अभियान को पूरे प्रदेश भर में जनपद स्तर पर चलाया जा रहा है। सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। 

आखिर किन-किन शहरों में हुई कार्रवाई 

अपर परिवहन आयुक्त एवं अभियान के नोडल अधिकारी संजय सिंह के मुताबिक "मंगलवार को शाम 5 बजे तक विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई कई शहरों में चली। इनमें गाजियाबाद जिले में सबसे ज्यादा 381 ई-रिक्शा जब्त किए गए। इसके अलावा आगरा में 363, लखनऊ में 200, झांसी में 199, सहारनपुर में 171, मिर्जापुर में 165, वाराणसी में 164,  प्रयागराज में 136 ई-रिक्शा पर कार्रवाई हुई। इसके अलावा इस बात पर भी जोर दिया गया कि अनिधिकृत व बिना पंजीकरण वाले ई- रिक्शा और ऑटो संचालन को रोका जाए। उन चालकों पर भी कार्रवाई हुई। जो नियमों का उल्लंघन करते हैं।"

सरकार द्वारा इस अभियान को चलाने का क्या है उद्देश्य 

यूपी की योगी सरकार द्वारा इस अभियान को चलाए जाने का मुख्य उद्देश्य है। सड़कों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना। अनधिकृत रूप से संचालित हो रहे ई-रिक्शा और ऑटो चालक नियमों का उल्लंघन करते हैं। इससे यात्रियों की जान को खतरा होता है। इस अभियान के तहत कई जगहों को चुना गया है। इनमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन का क्षेत्र, सार्वजनिक स्थल, बाकी अन्य बाज़ार शामिल हैं। 

परिवहन विभाग के मुख्यालय से हो रही मॉनिटरिंग 

पूरे प्रदेश भर में चलाए जा रहे। इस अभियान की मॉनिटरिंग परिवहन विभाग के मुख्यालय से हो रही है। सभी जिले के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है। सभी से प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी जा रही है। परिवहन विभाग इस अभियान की सफलता को लेकर प्रतिबद्ध है। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त न करने की बात कही गई है। इस अभियान को परिवहन विभाग और पुलिस विभाग दोनों मिलकर सफल बनाएंगे। यह 30 अप्रैल तक चलेगा। इसमें ऑटो और ई-रिक्शा जो खासतौर से अनिधिकृत रूप से चल रहे हैं। उन पर अधिकारियों की सबसे ज्यादा नजर है। सरकार ने यह भी कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर इस अभियान को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। सरकार यातायात नियमों में किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगी। बिना किसी अनुमति व पंजीकरण के चलने वाले वाहनों पर कठोर कार्रवाई होगी। 
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