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दिल्ली में चार मंजिला बिल्डिंग गिरने से हड़कंप, जानें घटना की पूरी डिटेल
दिल्ली के बुराड़ी इलाके में सोमवार शाम को एक चार मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। यह घटना कौशिक एन्क्लेव के ऑस्कर पब्लिक स्कूल के पास हुई। मलबे में 10 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। अब तक कुल 6 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जिनमें तीन लड़कियां और एक पुरुष शामिल हैं।
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दिल्ली के बुराड़ी इलाके में सोमवार शाम अचानक एक चार मंजिला इमारत गिरने से अफरा-तफरी मच गई। कौशिक एन्क्लेव के ऑस्कर पब्लिक स्कूल के पास स्थित इस इमारत का गिरना राजधानी में बड़ा हादसा बनकर सामने आया। इस दुर्घटना में मलबे के नीचे 10 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य में दमकल विभाग, पुलिस, और एनडीआरएफ की टीम तेजी से जुटी हुई है।
हादसा कैसे हुआ?
सोमवार शाम करीब 4 बजे अचानक यह इमारत जमींदोज हो गई। आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक धूल और मलबे का गुबार चारों तरफ फैल चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत के गिरने से पहले इसमें हलचल और दरारें देखी गई थीं, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ।
दमकल की 10 गाड़ियां और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम कर रही हैं। अब तक 6 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है, जिनमें तीन लड़कियां और एक पुरुष शामिल हैं। फायर डायरेक्टर अतुल गर्ग ने बताया कि मलबे से सबसे पहले दो लड़कियों को निकाला गया, जिनकी उम्र 6 और 14 साल है। इसके बाद एक और लड़की और एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू टीम के मुताबिक, मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। एनडीआरएफ की विशेष मशीनों और उपकरणों का इस्तेमाल कर मलबा हटाया जा रहा है। इलाके की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली काट दी गई है, ताकि कोई अन्य हादसा न हो।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दिल्ली सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस इमारत का निर्माण गैरकानूनी था? क्या इमारत की स्थिति का समय-समय पर निरीक्षण किया गया था? कौशिक एन्क्लेव के निवासियों में इस हादसे को लेकर गहरा गुस्सा और डर है। उनका कहना है कि इलाके में कई ऐसी इमारतें हैं, जिनका निर्माण बिना किसी सरकारी मंजूरी के हुआ है। स्थानीय निवासी अब प्रशासन से ऐसी कमजोर इमारतों की पहचान कर उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अस्पतालों में भर्ती पीड़ितों की स्थिति
रेस्क्यू के दौरान बाहर निकाले गए सभी घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, बचाए गए लोगों की हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि, मलबे में दबे अन्य लोगों की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। बुराड़ी का यह हादसा न केवल एक चेतावनी है, बल्कि यह दिल्ली जैसे महानगरों में बढ़ती अव्यवस्थित शहरीकरण की ओर भी इशारा करता है। अवैध और कमजोर निर्माण, प्रशासनिक लापरवाही और निरीक्षण की कमी ऐसे हादसों का कारण बनते हैं।
यह हादसा हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि तेजी से हो रहे शहरीकरण के बीच सुरक्षा मानकों और कानूनों का पालन कितना जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। फिलहाल, बुराड़ी में राहत और बचाव का काम जारी है, और उम्मीद है कि सभी दबे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।इस घटना ने एक बार फिर हमें यह याद दिलाया है कि मानवीय जिंदगियां कितनी कीमती हैं और उनकी सुरक्षा के लिए हमें हर संभव प्रयास करना चाहिए।
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