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महाराष्ट्र में ओवैसी की नहीं बन रही बात, AIMIM से गठबंधन को लेकर महाविकास अघाड़ी में विरोध

महाराष्ट्र की राजनीति में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन की पार्टी भी महाविकस अघाड़ी के गठबंधन में शामिल होकर चुनावी मैदान में उतरना चाहती है। इस मामले में राज्य के सियासी सूत्रों की मानें तो उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना इस गठबंधन के ख़िलाफ़ है।

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जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव होने के बाद सभी की निगाहें महाराष्ट्र की राजनीति पर टिकी है। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में चुनाव की तारीख़ों का एलान तो नहीं किया है लेकिन राज्य के सियासी दल चुनाव की तैयारी के लिए कमर कस चुके है। ऐसे में महायुति और महाविकास अघाड़ी दोनों ही अपने गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ बैठकर सीट बंटवारे पर बातचीत कर रहे है। इस कड़ी में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन की पार्टी भी महाविकस अघाड़ी के गठबंधन में शामिल होकर चुनावी मैदान में उतरना चाहती है। इस मामले में राज्य के सियासी सूत्रों की मानें तो उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना इस गठबंधन के ख़िलाफ़ है। 


ओवैसी के लिए शिवसेना UBT ने क्या कहा ? 

महाराष्ट्र की सियासत में अपनी ज़मीन तलाशने के लिए ओवैसी की पार्टी भले ही महाविकस अघाड़ी का सहारा लेना चाहती है लेकिन इस मसले पर शिवसेना UBT ने इस हामी नहीं भरी है। शिवसेना UBT का कहना है की महाविकास अघाड़ी में पहले से ही बहुत भीड़ है, इसमें कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट), शिवसेना (UBT) के अलावा समाजवादी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी के दोनों दल शेतकरी कामगार पक्ष, रिपब्लिकन संगठन शामिल है। ऐसे में अब महावोकास अघाड़ी में नए दल के लिए जगह नहीं है। बताते चले कि ओवैसी की पार्टी ने महाविकस अघाड़ी में शामिल होने के लिए कांग्रेस और NCP शरद पवार गुट को लिखित प्रस्ताव भेजा है। लेकिन अभी तक कांग्रेस और NCP (शरद पावर) इस प्रस्ताव को न तो मंज़ूर किया और न ही ख़ारिज किया है। ऐसे में अगर महाविकस अघाड़ी में AIMIM की जगह नहीं बनती है तो महाराष्ट्र में राजनीति की चाह रखने वाले ओवैसी की पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है। 


महाविकास अघाड़ी को ओवैसी ने दिया कैसा प्रस्ताव ?

महाराष्ट्र के राजनीतिक सूत्रों की माने तो AIMIM ने महाविकास अघाड़ी को 28 सीटों की सूची थमाई है। जो मुस्लिम बाहुल्य इलाक़ों की है या फिर उन इलाक़ों के चुनाव में मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते है। ऐसे में इन सीटों के लिए AIMIM अपने प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतरना चाहती है। वही पार्टी का यह भी कहना है कि अगर गठबंधन होता है तो इनमें से कुछ सीटें सहयोगी दल को भी दी जाएगी। इनमे से कुछ विधानसभा सीट की अगर बात करें तो धारावी, भायखला, मुंबा देवी, वर्सोवा, अंधेरी पश्चिम, चांदिवली, मानखुर्द, अणुशक्ति नगर, कुर्ला, कलिना, बांद्रा पूर्व, बांद्रा पश्चिम, भिवंडी पश्चिम, भिवंडी पूर्व, मुंब्रा-कलवा, धुले, मालेगांव मध्य, पुणे कंटोंमेंट, सोलापूर मध्य अकोट, बालापूर, अकोला पश्चिम, वाशिम, अमरावती, नांदेड उत्तर, नांदेड मध्य, औरंगाबाद मध्य और औरंगाबाद पूर्व सीट है। जिंपर ऐमिम की नज़र है जिसके भरोसे वो महाविकास अघाड़ी में शामिल होना की चाह रख रही है। 


ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को करवाने के लिए चुनाव आयोग की टीम भी राज्य का दौरा कर चुकी है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इसी साल नवंबर या दिसंबर में विधानसभा चका चुनाव कराया जा सकता है। इसके लिए चुनाव आयोग कभी भी तारीख़ों के एलान कर सकता है। 
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