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उत्तराखंड में अवैध मदरसों की खैर नहीं... सीएम धामी ने दे दिया तगड़ा निर्देश
उत्तराखंड में अवैध मदरसों की जांच का निर्णय लिया गया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के कार्यालय ने इस संबंध में डीजीपी को निर्देश दिया। पुलिस की ओर से मदरसों की जांच के लिए एक महीने तक अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद यह फैसला लिया गया है।
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यूपी-उत्तराखंड समेत देश के लगभग सभी राज्यों में कई ऐसे मदरसे है जो अवैध रूप से संचालित हो रहें है। इसपर रोकथाम के लिए पहले यूपी के धाकड़ सीएम योगी आदित्यनाथ ने तगड़ा एक्शन लिया और अब मोदी के एक और सीएम ने इन अवैध मदरसों को ठिकाने लगाने की ठान ली है। हम बात कर रहें है देवभूमि उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी की। सीएम धामी ने मदरसों की जांच का निर्णय लिया है। धामी के इस फैसले के कारण कट्टरपंथियों में हड़कंप मचा हुआ है।
अब देवभूमि में बाहरी की खैर नहीं ! मदरसों का होगा तगड़ा सर्वे। अवैध संचालित मदरसों पर चलेगा हंटर। धामी सरकार ने उठाया कठोर कदम।
उत्तराखंड में मदरसों की जांच का बड़ा फैसला लिया गया है। CMO की ओर से इसे लेकर निर्देश जारी कर दिया गया है। उत्तराखंड के अवैध मदरसों में बाहरी राज्य के बच्चों के पढ़ने की जानकारी मिली है जिसके बाद ये बड़ा कदम उठाया गया है। अब सभी जिलों में चल रहें मदरसों की गहनता से जांच होगी। जांच के दौरान अवैध रूप से संचालित मदरसों की पहचान की जाएगी साथ ही उनके फंडिग के सोर्स का पता लगाया जाएगा। इस जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा जो महीने भर चलेगा।
मामले की जानकारी देते हुए उत्तराखंड पुलिस महानिरीक्षक एवं प्रवक्ता पुलिस मुख्यालय नीलेश आनंद भरणे ने कहा की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि राज्य में शिकायतें आ रही हैं कि यहां कुछ अवैध मदरसों की संलिप्तता वाली गतिविधियां देखी जा रही हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई अवैध मदरसा चल रहा है राज्य में या यदि वे पंजीकृत नहीं हैं, तो उनकी गहन जांच की जानी चाहिए। उनके दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए गए हैं, इसलिए पुलिस वेरिफिकेशन शुरू करने जा रही है। इसमें 1 महीने के अंदर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
बता दें कि उत्तराखंड में अवैध रूप से संचालित मदरसों में बाहरी छात्रों को फढ़ाने की खबर सामने आई थी। इसी को अधार बनाकर सीएम धामी ने तगड़ा फैसला सुनाया है। सीएम ने 1 महीने के अंदर रिपोर्ट भी सौंपने को कहा है। ऐसे में युद्धस्तर पर हर एक जिलें में चल रहें मदरसों की जांच होगी और अगर बिना रेजिस्ट्रेशन के ये संचालित होंगे तो इसपर धामी का हंटर चलेगा।
इससे पहले यूपी में इलाहाबाद हाई कोर्ट के मदरसा एक्ट को रद्द करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। उच्चतम न्यायलय ने देश की धर्मनिरपेक्ष छवि को बरकरार रखने के लिए अल्पसंख्यक संस्थानों के साथ समान व्यवहार किए जाने की बात कही थी।लेकिन उत्तराखंड सरकार छात्रों की सुरक्षा को आधार बनाकर मदरसों की स्थिति की जानकारी लेने के लिए अभियान शुरू कर रही है। ऐसे में धामी के इस बड़े निर्देश से कट्टरपंथियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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