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योगी सरकार प्रदेश से डीजल गाड़ियों की संख्या घटाएगी, 2030 तक 8,000 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का लक्ष्य, जानिए पूरा प्लान
उत्तर प्रदेश सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एक अहम निर्णय लिया है, जिसके तहत राज्य में डीजल वाहनों की संख्या में सरकार कमी करना चाहती है. वर्तमान में ज्यादातर सार्वजनिक वाहन डीजल से ही चलते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार केंद्र के सहयोग से इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा बढ़ाने की तैयारी में है. राज्य के ज्यादातर शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं.
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रविवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के यातायात योजना को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है. खबरों के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने अपनी योजना के तहत प्रदेश में उन वाहनों की संख्या घटाने का निर्णय लिया है, जो डीजल से चलते हैं. योगी सरकार ने एक नई योजना बनाई है, जिसके तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी. सीएम योगी के विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को देखते हुए पूरे प्रदेश भर में यातायात को इलेक्ट्रिक मोड पर ले जाने की एक नई योजना तैयार की गई है. सरकार पहले से प्रदेश में इलेक्ट्रिक को बढ़ावा दे रही है. इनमें 2 पहिया से लेकर 4 पहिया या किसी भी तरीके के इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है.
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लिया गया बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एक अहम निर्णय लिया है, जिसके तहत राज्य में डीजल वाहनों की संख्या में सरकार कमी करना चाहती है. वर्तमान में ज्यादातर सार्वजनिक वाहन डीजल से ही चलते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार केंद्र के सहयोग से इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा बढ़ाने की तैयारी में है. राज्य के ज्यादातर शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं. उत्तर प्रदेश में कुल 8,00 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं. इसकी शुरुआत शहरी निकायों से हो चुकी है.
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केंद्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव
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बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इलेक्ट्रिक बसों के लिए फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिकल व्हीकल इन इंडिया और पीएम ई-बस योजनाओं के तहत मांग प्रस्ताव को तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी.
2030 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 8,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार वर्ष 2030 तक राज्य में इलेक्ट्रिक बच्चों की संख्या 8,000 तक पहुंचाने की तैयारी में है, इसमें पीएम ई-बस सेवा से 2,700 बसें शामिल हो सकती हैं.
मेट्रो सेवाओं में भी इजाफा होगा
योगी सरकार सिर्फ सड़क परिवहन निगम तक की सीमित नहीं रहना चाहती. सरकार अपने प्लान के मुताबिक, राज्य के ज्यादातर शहरों में मेट्रो सेवाओं को भी पहुंचाना चाहती है, ताकि यातायात में आसानी और सुविधा हो, इससे प्रदूषण भी कम होगा और सार्वजनिक यातायात पर खर्च का लाभ प्रदेश सरकार को मिलेगा. वहीं लोगों को भी अपना खर्चा बचाने में मदद मिलेगी.
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इलेक्ट्रिक वाहनों पर भारी छूट दे रही योगी सरकार
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पहले से ही राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों पर खास सब्सिडी दे रही है. वहीं प्रदूषण को देखते हुए सरकार सार्वजनिक वाहनों के अलावा निजी वाहनों में भी इलेक्ट्रिक को बढ़ावा दिए जाने की योजना में है. इनमें दो पहिया वाहनों पर 5,000 की छूट है और 4 पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 1 लाख तक की सब्सिडी मिल रही है. इसके अलावा रोड टैक्स और पंजीकरण पर भी भारी छूट है. बसों के लिए भी तकरीबन 20 लाख रुपए तक की सब्सिडी दिए जाने की योजना है.