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इंतजार की घड़ियां समाप्त! वक्फ बिल पेश होने के लिए तैयार! TDP,JDU भी आए साथ! लेकिन कुछ दल अब भी साइलेंट

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भी वक्फ संशोधन बिल पर अपना समर्थन बताया है। लेकिन लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने अभी तक इस पर चुप्पी साध रखी है। वहीं RLD प्रमुख जयंत चौधरी और महाराष्ट्र सरकार में शामिल अजीत पवार की पार्टी NCP का भी रुक अभी तक क्लियर नहीं हो सका है।

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देश का सबसे चर्चित और विवादित वक्फ संशोधन बिल अब से कुछ ही घंटे बाद लोकसभा में पेश किया जाएगा। केंद्र की मोदी सरकार ने इस बिल को पेश करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। मोदी सरकार ने 1 अप्रैल को अपने सभी सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी कर संसद में हाजिर रहने को कहा है। वहीं दूसरी तरफ खबर आ रही है कि एनडीए गठबंधन के कुछ ऐसे दल भी हैं। जो इस बिल के समर्थन में संशय में चल रहे हैं। हालांकि एनडीए दल की दो बड़ी पार्टी टीडीपी और जेडीयू ने अपनी तरफ से साफ संकेत देते हुए। इस बिल को समर्थन दे दिया है। दोनों ही पार्टी के सभी सांसद इसके पक्ष में वोटिंग करेंगे। हालांकि, शुरुआत में ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि तेलुगु देशम पार्टी इसको लेकर संशय में है। लेकिन अब तस्वीर साफ हो चुकी है। दरअसल, पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को लेकर ऐसा माना जा रहा था कि वह सेकुलरिज्म की राजनीति करते हैं। क्या पता इस वजह से वह इस बिल को समर्थन न दें। जानकारी के लिए बता दें कि टीडीपी ने इस बिल के संशोधन में 3 सुझाव दिए थे। जिसे जेपीसी ने अपनी रिपोर्ट में स्वीकार कर लिया था। टीडीपी की तरह जेडीयू ने भी अपने सुझाव दिए थे। जिसे जेपीसी की रिपोर्ट में शामिल कर लिया गया था। इस पार्टी ने भी अपनी तरफ से सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने को कहा है। 

जेडीयू नेता ललन सिंह ने इस बिल को लेकर क्या कुछ कहा ? 

जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने इस बिल के पेश होने से पहले कहा है कि "जेडीयू वक्फ संशोधन विधेयक पर अपना रुख संसद में स्पष्ट करेगी। हालांकि अब स्थिति साफ हो गई है।" बता दें कि कल के दिन गृहमंत्री अमित शाह, ललन सिंह और संजय झा ने इस बिल पर काफी देर तक मंथन किया था। ललन सिंह ने कांग्रेस पार्टी की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार और जेडीयू को धर्मनिरपेक्षता पर कांग्रेस पार्टी के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। 

वक्फ संशोधन बिल पर एनडीए के इन 3 दलों का रुख क्लियर नहीं 

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भी वक्फ संशोधन बिल पर अपना समर्थन बताया है। लेकिन लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने अभी तक इस पर चुप्पी साध रखी है। वहीं RLD  प्रमुख जयंत चौधरी और महाराष्ट्र सरकार में शामिल अजीत पवार की पार्टी NCP का भी रुक अभी तक क्लियर नहीं हो सका है। 

वक्फ संशोधन बिल पर होगी 8 घंटे की चर्चा 

खबरों के मुताबिक वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को दोपहर 12 बजे पेश किया जाएगा। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजेजू विधेयक के प्रावधानों की जानकारी देंगे। इस विधेयक पर 8 घंटे की चर्चा होगी। अगर जरूरत पड़ी। तो समय को और भी ज्यादा बढ़ाया जा सकता है। किरन रिजेजू ने कहा "सभी राजनीतिक दल को इस पर अपनी राय रखनी चाहिए। उन्हें पूरा देश सुनना चाहता है। इस विधायक के समर्थक और विरोधी दोनों की बातें रिकॉर्ड की जाएंगी।"

वक्फ संशोधन बिल के विरोध में कौन-कौन खड़ा 

बता दें कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर विपक्षी दल शुरू से विरोध जता रहे हैं। इन सभी के लिए यह बिल तीखी आलोचना बन चुकी है। पिछले लोकसभा सत्र में तीखी बहस के बाद इसे पुरस्थापित किया गया था। इसके बाद सदन ने इसे संसदीय समिति को सौंप दिया था। जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली
संयुक्त संसदीय समिति इस पर बड़ी चर्चा कराने के लिए इसकी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को पहले ही सौंप चुकी है। इस बिल  के विरोध में कई बड़े दल शामिल हैं। इनमें कांग्रेस, सपा, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, आप,  AIMIM सहित कई और दल शामिल हैं। 
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