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देश के तीन धाकड़ ‘शेर’ जिनके आगे दुनिया नतमस्तक !
बीजेपी की वो 3 धाकड़ शख़्सियत, जिन्होंने देश और दुनिया में सनातन का झंडा बुलंद किया हैं, जानिए कौन है वो तीन नाम
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जो बदलाव आज दिख रहे हैं, इसकी शुरुआत होती है 16 मई 2014 से, जब बदल गई थी देश की राजनीति, क्योंकि पहली बार बीजेपी को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत की सरकार सौंपी थी। बीजेपी की इस जीत के नायक थे नरेंद्र मोदी। जिस तरह से बीजेपी ने उन्हें लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था, उसके बाद उन्होंने ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार किया। इसका असर ये हुआ कि जनता ने दिल खोलकर बीजेपी को वोट दिया। 16 मई को जब नतीजे आए तो देश ने इतिहास रच दिया था। 26 मई को नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली।
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बस यही से वो बदलाव शुरू हुए, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती थी। देश लगातार बदलाव के दौर से गुजरता रहा, उतार-चढ़ाव आते रहे, लेकिन बीजेपी की जीत और काम लगातार जारी रहे। यही वजह है कि 2019 में भी बीजेपी ने केंद्र की सत्ता हासिल की, फिर 2024 में हैट्रिक लगा दी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। वो बात अलग है कि 2024 में नीतीश और नायडू जैसे सहयोगियों का साथ लेना पड़ा। इसके बाद पीएम मोदी ने देश के लिए काम करना शुरू किया। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपना रुतबा बुलंद किया, देश और दुनिया में मोदी सरकार ने कमाल का काम किया और भारत की धाक जमाई। पूरी दुनिया में जिस तरह से भारत ने अपनी दखलअंदाज़ी बढ़ाई और अमेरिका, रूस, चीन जैसे देशों को उसी की भाषा में जवाब देना शुरू किया, तो ये सबको समझ आ गया कि पहले दो कार्यकाल की तरह पीएम मोदी तीसरी बार भी फ्रंट फुट पर ही खेल रहे हैं। तो पीएम मोदी पहले नायक हैं, जिनकी वजह से भारत का भौकाल दुनिया में बुलंद हुआ है।
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नरेंद्र मोदी
2014, 2019 में पीएम बनकर इतिहास रचने वाले नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल के दौरान विदेश नीति पर लगातार काम कर रहे हैं, जिसका असर ये हुआ कि दुनिया ने उनकी बातों का लोहा माना। मुस्लिम देशों ने तो पीएम मोदी का जिस तरह से स्वागत किया, उसे देख कट्टरपंथी भी चिढ़ गए। दुनिया भर के देश पीएम मोदी को सम्मानित कर रहे हैं। यही वजह है कि रूस-यूक्रेन युद्ध की जब-जब बात आई, लोगों ने भारत की तरफ़ देखना शुरू किया और उम्मीद जताई कि इन दोनों देशों की जंग को मोदी की दखलअंदाज़ी से ही शांत कराया जा सकता है। पीएम मोदी की वैश्विक नीति की सराहना जहां ट्रंप ने की, तो वहीं देश में कांग्रेस के शशि थरूर जैसे सांसदों ने भी पीएम मोदी की दिल खोलकर तारीफ़ की, जो ये बताने के लिए काफी है कि पीएम मोदी ने किस तरह से पूरी दुनिया में भारत की धाक जमाई।
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पीएम मोदी पहली शख्सियत हैं, जिन्होंने भारत का मान दुनिया में बढ़ाया। वहीं दूसरी नाम की बात करें तो वो हैं गृहमंत्री अमित शाह।
देश में नक्सलवाद की समस्या का ख़ात्मा करना हो, मिज़ोरम में बॉर्डर पर बाड़ लगवाना हो, बंगाल की ख़राब होती स्थिति पर नियंत्रण पर काबू करना हो, गृहमंत्री अमित शाह ने पूरी सावधानी के साथ काम किया। मणिपुर को लेकर तमाम सवाल उठते रहे, लेकिन वहाँ की भी शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए अमित शाह ने पूरी ताकत झोंक दी। जब बात घुसपैठियों की आई तो उन्हें भी ठिकाने लगाने का काम शुरू कर दिया, जिसका परिणाम ये हुआ कि दिल्ली में रोहिंग्याओं की पहचान करके उनके डिपोर्ट करने की तैयारी है। सीमाओं की सुरक्षा बढ़ाकर घुसपैठियों को रोकने का काम जारी है, नक्सलवाद पर अगले साल तक लगाम लगाने का प्रण भी है।
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2017 में पहले कार्यकाल से ही सीएम योगी अपने कार्यकाल को लेकर कट एंड क्लियर हैं, 2022 की जीत के बाद भी वही जारी है। उपद्रवियों की गर्मी कैसे शांत करानी है, सीएम योगी बेहतर तरीके से जानते हैं। माफियाओं को मिट्टी में कैसे मिलाना है, इसमें योगी सरकार की पीएचडी है। यूपी में बुलडोज़र सड़क और इमारत तो बना ही रहा है, पुश्तों से गुंडई करने वालों की तबाही भी लिख रहा है, जिसका असर ये हो रहा है कि यूपी मॉडल पर कई राज्य सरकारें चलने लगी हैं। बुलडोज़र की धमक बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम तक पहुंच चुकी है। लेकिन योगी सरकार का सिर्फ यही एक पहलू नहीं है, दूसरा पहलू भी है, जिसमें अयोध्या जैसे धार्मिक स्थल का कायाकल्प करना, प्रयागराज में भव्य महाकुंभ का आयोजन कराना, सनातन की पताका लहराना।
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मतलब एक तरफ़ पीएम मोदी पूरी दुनिया के साथ भारत के रिश्ते बेहतर कर रहे हैं, दूसरी तरफ़ अमित शाह देश की आंतरिक सुरक्षा पर काम कर रहे हैं, और इन सबके बीच योगी आदित्यनाथ एक बड़े राज्य का इतिहास भूगोल सही करने के साथ ही सनातन की पताका लहरा रहे हैं।