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फिरोजाबाद के मुस्लिम इलाके में खोला गया मंदिर, 60 सालों से पड़ा था बंद, खोदाई जारी...
फिरोजाबाद के थाना रसूलपुर इलाके में बजरंग दल की मांग पर 60 साल पुराने मंदिर को खोला गया है, पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में मंदिर का ताला खोला गया। मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा मिली है। फिलहाल खुदाई जारी है।
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दीवारों पर धार्मिक शब्द, खंडित मुर्तिया, छत के नीचे लटकी जंजीर। ऐसी तस्वीरें अब यूपी से मिलना आम हो गई है। उत्तरप्रदेश में बंद पड़े मंदिरों को ढुंढने का सिलसिला लगातार जारी है। इसकी शुरूआत हुई संभल से, जहां जितनी खुदाई हो रही है, उतना ही वहां से सनातान के प्रमाण निकल रहें है। जिसके बाद वाराणसी, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद और बुलंदशहर में भी सालों पुराने मंदिर की खोज की गई। इसी बीच मंदिरों के मिलने का सिलसिला जारी है। यूपी के फिरोजाबाद में अब 60 सालों से पुराना मंदिर प्रशासन ने खुलवा दिया है।
हर शहर की तरह ये मंदिर भी मुस्लिम बहुल इलाके मे ही मिला है। फिरोजाबाद के रसूलपुर क्षेत्र के बाद अब रामगढ़ थाना क्षेत्र में 60 साल पुराना एक मंदिर अचानक चर्चाओं में आया। जिसके बाद हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों ने मंदिर की खुदाई शुरू कर दी। बेहद ही तंग गली में मुस्लिम बहुल इलाका है, जहां कोने में ये मंदिर है। बरसों से इसपर लाता जड़ा था। जिसके बाद भारी फोर्स की तैनाती में जिला प्रशासन ने ताला तुड़वा दिया। इस एक्शन के दौरान मुसलमान इलाके में रहने वालों भीड़ इक्ट्ठा हो गई थी, लेकिन किसी के मुंह से कोई शब्द नहीं निकला, किसी भी तरह का कोई विरोध यहां नहीं बरपा।
बता दें कि कई साल पहले यहां हिंदू परिवार रहता था। और इसी गली के बाहर ये मंदिर था। उस परिवार के यहां से जाने के बाद इसपर ताला लटका दिया गया। कई सालों से ये बंद पड़ा था। लेकिन जैसे ही इसके ताले को तोड़ा गया और मंदिर के अंदर झांककर देखा गया तो दीवारों पर धार्मिक शब्द मिले, खंडित मुर्तिया मिली साथ हा साथ मंदिर की गुम्मदनुमा छत के नीचे अभी भी जंजीर लटकी है, जिसपर मंदिर में धंटी टंगते है।
सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार भी इस दौरान वहां मौजूद रहें। उन्होंने बताया कि "मंदिर 100 साल पुराना है और पिछले साठ सालों से बंद था। लोग कह रहे हैं कि मंदिर भगवान शिव का है। सफाई अभियान चलाया जा रहा है।मंदिर सुरक्षित है और इस पर अतिक्रमण नहीं किया गया है।"
यूपी के अलग अलग शहर और गांव में जिस तरह से मंदिर और देव स्थान मिल रहे है। उससे पूरा देश सकते में है। संभल में सांप्रदायिक दंगा करने कही न कही इन कट्टरपंथियों पर ही भारी पड़ता नजर आ रहा है। संभल प्रशासन ने शहर में दंगों के बाद 1978 से बंद पड़े एक मंदिर को 14 दिसंबर को खोल दिया था। इसके बाद वाराणसी में भी एक 250 साल पुराना मंदिर मिला।
ये मंदिर एक मकान के अंदर है, जिसे मुस्लिम शख्स ने अपनी प्रॉपर्टी बतायी थी। इसके बाद बुलंदशहर के खुर्जा में एक मंदिर मिला और फिर बदायूं में भी में एक मंदिर मिला था, जिसका जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। अलीगढ़, मुज़फ़्फ़रनगर और मुरादाबाद में भी मंदिर मिल चुके है। और इनके मिलने का सिलसिला जारी है। जिस तरह से ये कार्रवाई हो रही है, उससे कट्टरपंथियों में हड़कंप मचा हुआ है। सड़क से लेकर सदन तक योगी आदित्यनाथ इस बात पर अपनी दहाड़ लगा चुके है।
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