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बेटे की हो चुकी है मौत, बेटी ने की है विदेश से पढ़ाई, जगदीप धनखड़ के परिवार में कौन-कौन है?
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने इसके पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है. इस बीच सोशल मीडिया पर लोग सबसे ज्यादा उनके परिवार के बारे में जानना चाह रहे हैं. तो चलिए जानते हैं कि आखिर उनके परिवार में कुल कितने सदस्य हैं?
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देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. 21 जुलाई को देर रात सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक पत्र लिखते हुए उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपने इस्तीफे की मांग की, जिसे अब स्वीकार भी कर लिया गया है. उस पत्र में जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफे की बात कही है, लेकिन अब विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है. उसने कई कारण गिनाकर सत्ता पक्ष पर करारा हमला किया है. अचानक से इस्तीफे की वजह से जगदीप धनखड़ के राजनीतिक करियर, परिवार और उनके जीवन से जुड़े कई चीजों के बारे में लोग जानना चाह रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोगों ने सबसे ज्यादा उनके परिवार के बारे में जानने की कोशिश की है, तो चलिए हम आपको उनके परिवार की पूरी कहानी बताते हैं कि आखिर कौन-कौन उनके परिवार में है?
कौन-कौन है जगदीप धनखड़ के परिवार में?
बता दें कि जगदीप धनखड़ राजस्थान के झुंझुनू से आते हैं. उनके परिवार में वर्तमान में उनकी पत्नी और बेटी है. उनका एक बेटा भी था, जिसकी मौत हो चुकी है. बेटे का नाम दीपक था और बेटी का नाम कामना है. कामना ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जयपुर के एमजीडी स्कूल से की है. उसके बाद ग्रेजुएशन जयपुर के ही मेयो कॉलेज से किया, उनकी डिग्री अमेरिका के बीवर कॉलेज से सन्नद्ध है. बता दें कि अब बीवर कॉलेज को अरकाडिया यूनिवर्सिटी कहा जाता है. जयपुर से कामना ने पढ़ाई करने के बाद इंग्लैंड, इटली और ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई की है. उन्होंने दिल्ली में स्थित इटली दूतावास से इटैलियन भाषा भी सीखी है. जगदीप धनखड़ के जीवन की सबसे बड़ी ट्रेजेडी उनके बेटे का ना होना है.
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14 साल की उम्र में हुई थी बेटे की मौत
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जगदीप धनखड़ के एकमात्र बेटे का नाम दीपक था, जो फिलहाल इस दुनिया में नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 14 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई थी. इसके पीछे की वजह ब्रेन हेमरेज बताया जाता है. हालांकि, जब वह इस दौर से गुजर रहे थे, तो उस दौरान धनखड़ दिल्ली से लेकर कई शहरों में इलाज के लिए चक्कर लगाए थे. एक पिता होने के नाते उन्होंने हर एक कोशिश की, लेकिन वह उसमें नाकाम रहे. दीपक को बचाया नहीं जा सका. वहीं कई बार जगदीप धनखड़ राजनीतिक मंच या किसी कार्यक्रम में अपने बेटे का जिक्र करते हुए भावुक भी हुए हैं.
स्वास्थ्य कारणों का हवाला बताकर दिया इस्तीफा
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बता दें कि 21 जुलाई की देर रात उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपने पत्र में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मांग की. बता दें कि पिछले दिनों एक कार्यक्रम के दौरान अचानक से उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया था, जहां वह एक पूर्व सांसद के कंधे पर अचानक से गिर गए थे. उन्होंने पत्र के जरिए पीएम मोदी और मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों का आभार जताया है.