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देश भर में चलेगा 'SIR' अभियान, चुनाव आयोग आज करेगी तारीखों का ऐलान, इन राज्यों पर खास नजर

बता दें कि चुनाव आयोग ने 3 दिन पहले ही दिल्ली में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की थी. इस दौरान अधिकारियों ने बिहार के अनुभव पर भी विचार-विमर्श किए.

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चुनाव आयोग आज यानी सोमवार को मतदाता सूची के लिए देश भर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत को लेकर तारीखों का ऐलान करने जा रहा है.  खबरों के मुताबिक, पहले चरण में करीब 10 राज्यों को लेकर यह अभियान शुरू किया जा सकता है. इनमें खासतौर से वह राज्य शामिल होंगे, जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं. इनमें पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में यह सर्वे कराया जाएगा. इसके अलावा अन्य राज्यों में असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी का भी नाम शामिल है. 

चुनाव आयोग ने की अधिकारियों के साथ बैठक

बता दें कि चुनाव आयोग ने 3 दिन पहले ही दिल्ली में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की थी. इस दौरान अधिकारियों ने बिहार के अनुभव पर भी विचार-विमर्श किए. उसके बाद प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाने का फैसला लिया. बता दें कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर मीडिया से बातचीत में बताया कि 'बिहार में यह सर्वे 24 जून से 30 सितंबर तक करीब 4 माह तक चली, लेकिन चुनाव आयोग अब इस अवधि को और भी छोटा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है.' 

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सभी केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों को जारी किया गया निर्देश 

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इससे पहले चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहले से ही निर्देश जारी कर दिए थे, ताकि वह पुरानी और नई मतदाता सूचियों का तुलनात्मक विश्लेषण शुरू कर दे. इससे सत्यापन प्रक्रिया में देरी नहीं होगी. यह निर्णय बिहार में क्रियान्वयन पर विपक्ष की कड़ी नाराजगी के बाद लिया गया है. 

SIR का विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा

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इससे पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था, जहां अदालत ने आदेश देते हुए बताया कि आधार को वैध पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया जाए. इस पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने चुनाव आयोग की जालसाजी संबंधी चिंताओं को दरकिनार करते हुए कहा था कि 'सामाजिक बहिष्कार' के बचाव 'सामूहिक समावेश' पर जोर दें.

66,000 हजार नामों को मतदाता सूची से काटा गया

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बता दें कि विपक्ष द्वारा बिहार में SIR अभियान गहन जांच और समाप्त करने की बार-बार मांगों के बीच में सम्पन्न हुआ था. इस दौरान करीब 66,000 से ज्यादा नाम को मतदाता सूची से काटा गया था, जिन्हें चुनाव आयोग ने मृत्यु, डुप्लीकेट एंट्री और प्रवास से जोड़ा. विपक्ष ने चुनाव आयोग पर बड़े स्तर पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का लक्ष्य गरीब, अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाना है, जो उनके पक्ष में वोट ना कर सके. इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी विभिन्न क्षेत्रों के आंकड़ों का हवाला देकर इस बात का दावा किया था कि चुनाव आयोग, सत्तारूढ़ बीजेपी के बीच सांठ- गांठ है और वह सत्ताधारी दल को भारी जीत दिलाने के लिए बड़ी साजिश रच रहे हैं. विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया था कि SIR एक साजिश का अहम हिस्सा है.

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