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नए टर्मिनल और सिक्स लेन हाईवे से बदली गुवाहाटी एयरपोर्ट की तस्वीर, सीएम हिमंत ने केंद्र को दिया धन्यवाद
सीएम सरमा ने कहा कि कुछ समय पहले तक एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद मुश्किल और समय लेने वाला था, लेकिन सरकार के हस्तक्षेप से अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है.
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि मौजूदा सरकार ने न सिर्फ गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नया टर्मिनल बनाया है, बल्कि शहर और एयरपोर्ट के बीच यात्रा समय को भी काफी हद तक कम किया है.
सीएम हेमंता ने गुवाहाटी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की तारीफ
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि पहले खानापारा से एयरपोर्ट पहुंचने में कम से कम दो घंटे लगते थे, लेकिन अब छह लेन के हाईवे के निर्माण के बाद यह दूरी महज 30 मिनट में तय की जा सकती है. उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से लंबित समस्या थी, जिसे राज्य सरकार ने निर्णायक पहल कर सुलझाया.
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डबल इंजन सरकार से बदली तस्वीर
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सीएम सरमा ने कहा कि कुछ समय पहले तक एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद मुश्किल और समय लेने वाला था, लेकिन सरकार के हस्तक्षेप से अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. उन्होंने केंद्र और राज्य में भाजपा की “डबल इंजन सरकार” की सराहना करते हुए कहा कि बीते एक दशक में असम में बड़े पैमाने पर विकास हुआ है.
भारत का पहला प्रकृति-थीम आधारित एयरपोर्ट टर्मिनल
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यह अत्याधुनिक टर्मिनल भारत का पहला प्रकृति-थीम आधारित एयरपोर्ट टर्मिनल है, जिसे असम की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है.
सालाना 1.3 करोड़ यात्रियों की क्षमता
नए टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 1.3 करोड़ से अधिक है, जिससे गुवाहाटी पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में उभरेगा. इस एकीकृत टर्मिनल में आधुनिक यात्री सुविधाएं, बेहतर आवाजाही व्यवस्था, उन्नत सुरक्षा प्रणाली और आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम उपलब्ध हैं.
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रनवे और एयरफील्ड सिस्टम में भी बड़े सुधार
टर्मिनल की वास्तुकला प्रकृति से प्रेरित है, जिसमें असम की नदियों, जंगलों और जैव विविधता को दर्शाने वाले डिजाइन तत्व शामिल किए गए हैं, जिससे यात्रियों को आगमन और प्रस्थान के दौरान राज्य की विशिष्ट पहचान का अनुभव मिलेगा.
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इसके अलावा, हवाई अड्डे के रनवे, एप्रन, टैक्सीवे और एयरफील्ड प्रणालियों में भी बड़े स्तर पर सुधार किए गए हैं. इन उन्नयनों से परिचालन क्षमता, सुरक्षा और बढ़ते हवाई यातायात को संभालने में मदद मिलेगी. विस्तारित ढांचा बड़े विमानों के संचालन और समय पर उड़ानों को भी प्रोत्साहित करेगा.