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खाड़ी देशों में फंसे महाराष्ट्रियों के लिए सरकार ने जारी किया व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर

केंद्र सरकार भी इस पूरे मामले में महाराष्ट्र सरकार के साथ खड़ी है और हर मुमकिन सहयोग दे रही है. विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियों के जरिए हालात पर नजर रखी जा रही है.

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खाड़ी देशों में बने युद्ध के हालात के बीच वहां फंसे महाराष्ट्र के लोगों को सुरक्षित निकालने और हर संभव मदद पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लगातार सक्रिय है. इसके लिए सरकार ने एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है. 

खाड़ी देशों में फंसे लोगों की मदद को आगे आई महाराष्ट्र सरकार

सरकार को जानकारी मिली है कि महाराष्ट्र के कई नागरिक खाड़ी देशों में मौजूदा तनाव की वजह से परेशानियों का सामना कर रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार अलग-अलग एजेंसियों के साथ संपर्क में हैं. इसके साथ ही वे केंद्र सरकार से भी लगातार बातचीत कर रहे हैं, ताकि राज्य के लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके.

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मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्री गिरीश महाजन को खास तौर पर कोऑर्डिनेशन का जिम्मा सौंपा है. उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित विभागों, दूतावासों और अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल बनाकर काम करें, ताकि किसी भी जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने में देरी न हो. राज्य सरकार का कहना है कि इस समय सबसे जरूरी है सही जानकारी इकट्ठा करना और फंसे हुए लोगों से सीधे संपर्क बनाना, ताकि उनकी स्थिति को समझकर उचित कदम उठाए जा सकें.

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केंद्र सरकार भी इस पूरे मामले में महाराष्ट्र सरकार के साथ खड़ी है और हर मुमकिन सहयोग दे रही है. विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियों के जरिए हालात पर नजर रखी जा रही है. जहां जरूरत होगी, वहां स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावासों की मदद से राहत और निकासी की व्यवस्था की जाएगी.

महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर 

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इसी कड़ी में महाराष्ट्र सरकार ने दुबई में सक्रिय संगठन इंडियन पीपुल्स फोरम के साथ मिलकर एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है ताकि खाड़ी देशों में फंसे लोग या उनके परिजन सीधे संपर्क कर सकें. जिन लोगों को किसी भी तरह की मदद, जानकारी या मार्गदर्शन की जरूरत है, वे इस व्हाट्सएप नंबर +97150 365 4357 पर संदेश भेज सकते हैं. सरकार ने अपील की है कि केवल जरूरतमंद लोग ही इस नंबर पर संपर्क करें और सही व पूरी जानकारी साझा करें ताकि राहत कार्य तेजी से किया जा सके.

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