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वनाग्नि रोकने के लिए सरकार ने कराई मॉक ड्रिल, CM Dhami ने संभाला मोर्चा !

अमेरिका के शहर कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग ने कैसे पूरे शहर को बर्बाद कर दिया था ये पूरी दुनिया जानती है, कुछ ऐसी ही आग देवभूमि उत्तराखंड के जंगलों में भी गर्मियों के समय में लगती रही है जिससे जल जंगल जमीन को भारी नुकसान होता रहा है यही वजह है कि उत्तराखंड सरकार वनाग्नि रोकने के लिए समय से पहले ही तैयारी शुरू कर दी है… और खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इन तैयारियों की कमान संभाली !

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दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के शहर कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग ने कैसे पूरे शहर को बर्बाद कर दिया था। ये पूरी दुनिया जानती है।कैसे जंगल में फैली आग की लपटों ने बड़ी से बड़ी हस्तियों के आलीशान मकान को भी राख में बदल दिया था। तबाही का ये मंजर जंगल में लगी आग की वजह से हुई। कुछ ऐसी ही आग देवभूमि उत्तराखंड के जंगलों में भी गर्मियों के समय में लगती रही है। जिससे जल जंगल जमीन को भारी नुकसान होता रहा है। यही वजह है कि उत्तराखंड सरकार ने वनाग्नि रोकने के लिए समय से पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। और खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इन तैयारियों की कमान संभाली।


दरअसल गर्मियों के मौसम में उत्तराखंड के जंगलों में लगने वाली आग की रोकथाम के लिए लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मिलकर कई जिलों में मॉक ड्रिल कर रहा है। जिससे आने वाले समय में जब वनाग्नि की कोई घटना हो तो NDRF और SDRF मिलकर तुरंत एक्शन ले और वनाग्नि की घटना पर काबू पा सके। यही वजह है कि उत्तराखंड के कई जिलों में वनाग्नि की घटना को लेकर मॉकड्रिल की गई। जिसकी मॉनीटरिंग खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में बैठ कर की।और अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिये।

जंगलों में लगने वाली आग रोकने के लिए मॉक ड्रिल किये जाने के साथ ही 12 फरवरी को जब कैबिनेट की बैठक हुई तो इस बैठक में भी सीएम धामी ने वनाग्नि रोकने पर खास जोर दिया। और ग्राम पंचायत स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समितियों के गठन से जुड़े प्रस्ताव पर मुहर लगाई। जिसके तहत जिन इलाके में सबसे ज्यादा चीड़ के जंगल हैं। ऐसे 22 अति संवेदनशील वन प्रभागों को चिन्हित कर समितियों के गठन की तैयारी भी शुरू क दी गई है। और हर समिति को 500 से 600 हेक्टेयर वन क्षेत्र आवंटित किया जाएगा। जिनका काम होगा वनाग्नि की घटनाएं रोकना। और इस काम के लिए बनाई गई हर समिति को तीस हजार रुपये सलाना इंसेंटिव के रूप में भी दिये जाएंगे।

हालांकि इंसेंटिव की पचास फीसदी राशि वनाग्नि काल के शुरू होने पर और बाकी की 50 फीसदी राशि वनाग्नि काल के बाद समितियों को दी जाएंगी। इतना ही नहीं वनाग्नि काल के दौरान समितियों को सौंपे गये क्षेत्रों में अगर वनाग्नि घटना होती है तो इससे प्रभावित क्षेत्र के आंकलन के मुताबिक प्रोत्साहन राशि में कटौती की जाएगी।सरकार के ये फैसले और समय से पहले मॉक ड्रिल के जरिये वनाग्नि की घटनाएं रोकने की तैयारी। बता रही है कि धामी सरकार जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं को लेकर कितना गंभीर है। क्योंकि जंगलों में जब आग फैलती है तो ये कितना भयावह रूप ले लेती है। इसका उदाहरण अमेरिका के कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग से समझ सकते हैं। यही वजह है धामी सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समय से पहले ही तैयारियों पर जोर देने लगी है। 

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