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‘हमें भी इंडिया की तरह बनना होगा’, फिनलैंड के राष्ट्रपति ने भारत पर जो कहा, उसे सुन चिढ़ जाएंगे विरोधी और ट्रंप!
हाल ही में भारत दौरे पर आए फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भारत की जमकर तारीफ की. उन्होंने पिछले 10 साल में हुए बदलावों को हाईलाइट किया.
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एक तरफ दुनिया के कई देशों के बीच टकराव बढ़ रहा है. दूसरी ओर भारत तटस्थता के साथ अपनी नीतियों को और मजबूत कर रहा है. ट्रेड पॉलिसी से लेकर इकोनॉमी तक कई मोर्चों पर ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं. दुनिया भी भारत का लोहा मानने लगी है. हाल ही में भारत दौरे पर आए फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भारत की जमकर तारीफ की.
राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भारत में पिछले 10 सालों में हुए बदलावों को हाईलाइट किया. कितना बदल गया भारत? ये बताते हुए अलेक्जेंडर स्टब ने कहा, भारत की मेरी पिछली यात्रा वास्तव में 2013 में हुई थी. जब मैं व्यापार मंत्री के रूप में आया था. नई दिल्ली की सड़कों पर जो बदलाव मैं देख रहा हूं और जो संभवत कुछ दिनों में मुंबई में भी देखूंगा, वह एक स्पष्ट आर्थिक चमत्कार है जिसका हम साक्षी बन रहे हैं.
‘यूरोप के लिए प्रमुख साझेदार है भारत’
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अलेक्जेंडर स्टब ने कहा, मैं आपको शुभकामनाएं देता हूं. स्पष्ट रूप से भारत दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली देशों में से एक है और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है. जैसा कि हमने देखा है, अब आप यूरोप के लिए एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार बन चुके हैं. विदेश, सुरक्षा नीति और व्यापार नीति में भारत का महत्व बताना मुश्किल है, भविष्य भारतीयों का है. उन्होंने बदलते भारत को गहनता से दर्शाते हुए कहा, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं, जिसे हम यहां हर दिन देख सकते हैं.
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'हमें थोड़ा और भारतीय बनना चाहिए'
‘आपकी विदेश नीति के बारे में जिस बात का मैं वास्तव में सम्मान करता हूं, वह यह है कि आप कभी भ्रम में नहीं रहे. आपने हमेशा अपनी विदेश नीति को एक व्यावहारिक और यथार्थवादी दृष्टिकोण पर आधारित किया है, बाकी दुनिया को दिखाया है कि रणनीतिक सावधानी और स्वायत्तता की रक्षा करना बेहद अहम है. व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि हम सभी को थोड़ा-सा और भारतीय बनना चाहिए.’
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फिनलैंड के राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे समय में आया है. जब ईरान और मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़े हुए हैं. इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद जंग के सायरन गूंज रहे हैं. दुनिया के ताकतवर देश आर्थिक अपने नागरिक और सैनिकों को युद्ध में धकेल रहे हैं जबकि भारत की विदेश नीति की हर कहीं तारीफ हो रही है.
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वहीं, नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत में फॉरेन पॉलिसी, विकास और ट्रेड को लेकर जो बदलाव हुए हैं. वह दुनिया ने देखा. अमेरिका के लाख दबाव के बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीद जारी रखी. भारत के इस रुख से दुनिया भी वाकिफ है.