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उत्तराखंड की धामी सरकार ने रचा इतिहास... राज्य के पर्यटकों का आंकड़ा 23.46 करोड़ के पार पहुंचा! जानिए खास उपलब्धि के बारे में?

बता दें कि बीते 3 सालों में देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के प्रचार-प्रसार में राज्य में पर्यटकों का आंकड़ा 23.46 करोड़ के ऊपर पहुंच चुका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, धामी सरकार पहले के वर्षों की तुलना में हालिया 3 सालों में पर्यटकों की संख्या को दोगुनी करने में खास उपलब्धि हासिल की है.

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उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक खास उपलब्धि हासिल की है. सरकार ने प्रदेश के पर्यटन विभाग में जमकर कमाई की है. खबरों के मुताबिक, बीते 3 साल के अंदर राज्य में पर्यटकों के आने का आंकड़ा 23.46 करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है. सरकार ने पहले के 4 वर्षों की तुलना में हाल के 3 वर्षों में एक खास उपलब्धि हासिल की है. देवभूमि की धरती पर धामी सरकार ने इतिहास रच दिया है. सरकार की ठोस नीतियों के चलते राजस्व में बड़ा इजाफा हुआ है. हालांकि, विपक्ष राज्य सरकार द्वारा प्रचार-प्रसार पर खर्च किए गए राशि को बढ़ा-चढ़ाकर बताते हुए लगातार निशाना साध रही है, जिसका सरकार ने आंकड़ों के साथ करारा जवाब दिया है. 

धामी सरकार ने हासिल की खास उपलब्धि 

बता दें कि बीते 3 सालों में देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के प्रचार-प्रसार में राज्य में पर्यटकों का आंकड़ा 23.46 करोड़ के ऊपर पहुंच चुका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, धामी सरकार पहले के वर्षों की तुलना में हालिया 3 सालों में पर्यटकों की संख्या को दोगुनी करने में खास उपलब्धि हासिल की है. सरकार की शीतकालीन यात्रा की पहल से यात्रियों की संख्या और प्रदेश का पयर्टन अब बारहमासी हो चुका है. 

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धामी सरकार का राजस्व बढ़ा

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प्रदेश के दुकानदारों की आय में भी जबरदस्त उछाल आया है, जिसके चलते सरकार के राजस्व में बड़ा इजाफा हुआ है. उत्तराखंड सरकार ने जिस भी योजना और सेक्टर का प्रचार किया, उस सेक्टर में जमकर धन बरसा है, जिससे न सिर्फ सरकारी खजाने में भारी-भरकम इजाफा हुआ बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के द्वार खुल गए. 

पयर्टन क्षेत्र में जमकर बरसा पैसा 

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सरकार द्वारा पेश आंकड़ों के मुताबिक, धामी सरकार ने राज्य के पर्यटन क्षेत्र के प्रचार-प्रसार में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि सरकार ने चारधाम, एडवेंचर टूरिज्म, धार्मिक, सांस्कृतिक स्थलों के कायाकल्प और होम स्टे योजना का जमकर प्रचार-प्रसार किया, जिसका नजीता सबके सामने है, जहां कांग्रेस शासनकाल (2012-13 से 2016-17) में कुल 13.59 करोड़ पर्यटक राज्य में आए, तो वहीं बीजेपी की त्रिवेंद्र रावत सरकार (2017-18 से 2021-22) में कोविड जैसी वैश्विक महामारी के बावजूद यह संख्या बढ़कर 15 करोड़ तक पहुंच गई. लेकिन असली छलांग देखने को मिली बीजेपी 2.0, यानी सीएम धामी के नेतृत्व वाली सरकार में. इस दौरान केवल 3 वर्षों में (2022-23 से 2024-25) में उत्तराखंड ने 23.46 करोड़ पर्यटकों का स्वागत किया, जो कि उत्तराखंड में अब तक के किसी भी सरकार का एक बड़ा रिकॉर्ड है. 

विपक्ष ने उठाए सवाल

धामी सरकार द्वारा प्रदेश के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार पर खर्च किए गए पैसे को विपक्ष एक मुद्दा बनाकर पेश कर रही है. सोशल मीडिया पर विपक्ष सरकार पर लगातार निशाना साध रही है, लेकिन सरकार ने जो आंकड़ा पेश किया. वह सच्चाई के साथ विपक्ष के दावे से बिल्कुल अलग है. देखा जाए, तो यह आंकड़ा न केवल नए कीर्तिमान का परिचायक है, बल्कि यह दिखाता है कि प्रचार और निवेश केवल दिखावे का मामला नहीं बल्कि ठोस परिणाम दे रहे हैं. 

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धामी सरकार ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया 

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“करोड़ों रुपये फूंकने” की बात सोशल मीडिया पर फैलाने पर उत्तराखंड की विपक्ष सरकार को धामी सरकार ने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 'उनके पास जनता के सामने तथ्य रखने के लिए कोई ठोस तर्क नहीं है. आंकड़े, तथ्य और परिणाम खुद बोलते हैं. उत्तराखंड पर्यटन की नई ऊँचाइयों तक पहुंचने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में धामी सरकार का प्रचार और निवेश निर्णायक रहा है. आलोचनाओं और झूठी खबरों के विपरीत, यह केवल दिखावे का मामला नहीं, बल्कि सकारात्मक परिणाम और ठोस विकास का एक प्रमाण है.' 

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