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'गोमांस फेंकने का धंधा बंद होना चाहिए, नहीं तो लोग सूअर का मांस...', असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने दी सख्त चेतावनी
असम में पिछले दिनों धार्मिक स्थलों पर गोमांस फेंके जाने के मामले पर सवाल करने पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि 'हमें गोमांस के धंधे को रोकना होगा, अन्यथा लोग अपने घरों में सूअर का मांस रखना शुरू कर देंगे. सरकार नहीं चाहती कि ऐसा कुछ हो और मामलों पर झगड़ा या कोई विवाद हो.'
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को गाेमांस के धंधे पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर यह धंधा नहीं बंद हुआ, तो लोग अपने घरों में सूअर का मांस रख सकते हैं. सरकार नहीं चाहती है कि इस तरह के मामलों पर कोई झगड़ा या विवाद हो. जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश में कुछ दिन पहले कई धार्मिक स्थलों और अन्य क्षेत्रों में गोमांस फेंके गए थे. वहीं बकरीद त्योहार के दिन भी कई जगहों पर कथित मवेशियों का अवैध रूप से वध किया गया था और टुकड़ों को कई अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया था.
गोमांस का धंधा बंद होना चाहिए - हिमंत बिस्वा सरमा
मंगलवार को असम मुख्यमंत्री से प्रदेश में पिछले दिनों धार्मिक स्थलों पर गोमांस फेंके जाने के मामले पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि 'हमें गोमांस के धंधे को रोकना होगा, अन्यथा लोग अपने घरों में सूअर का मांस रखना शुरू कर देंगे. सरकार नहीं चाहती कि ऐसा कुछ हो और मामलों पर झगड़ा या कोई विवाद हो.'
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'जो लोग ऐसा कर रहे हैं उन्हें समझना चाहिए'
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असम सीएम ने कहा कि 'जो लोग भी ऐसा कर रहे हैं उन्हें समझना चाहिए कि अगर हिंदुओं को एक प्रकार का मांस पसंद नहीं है, तो मुसलमान भी दूसरे प्रकार को पसंद नहीं करते हैं. अगर मंदिरों या नामघरों के सामने गोमांस फेंका जाता है, तब वह क्या करेंगे जब मस्जिदों के सामने सूअर का मांस रखा जाएगा. इन चीजों पर झगड़ा नहीं होने चाहिए और ऐसे स्थानों को शाकाहारी रखना चाहिए. यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छा है.'
'गौवध मामले में अब तक 60 गिरफ्तार'
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बता दें कि 8 जून को भी असम सीएम ने बकरीद त्योहार के बाद कथित तौर पर मवेशियों का वध करने पर बयान दिया था. सरमा ने कहा था कि 'त्योहार वाले दिन कई मवेशियों का वध किया गया, उनके मांस के टुकड़े को कई स्थानों पर फेंक दिया. पुलिस ने राज्य में अब तक अवैध रूप से अशांति पैदा करने वालों और गायों का वध करने वालों 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें धुबरी से अकेले 50 लोग हैं.' बता दें कि असम में गौवध और बीफ सेवन पर कड़ी पाबंदियां हैं. हाल ही में गुवाहाटी में एक रेस्टोरेंट के ऊपर कड़ी कार्रवाई की गई है. जहां ग्राहक को बीफ युक्त नूडल्स परोसा गया था.