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तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने पीड़ितों को दिलाए 350 करोड़ रुपये वापस, लोगों की जागरुकता के लिए “फ्रॉड का फुल स्टॉप” कैंपेन चलाया जा रहा

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो की निदेशक शिखा गोयल ने बताया कि 'जहां पूरे देश में साइबर अपराध में 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं तेलंगाना में साइबर अपराध में 8 प्रतिशत की कमी देखी गई है और वित्तीय नुकसान में भी 30 प्रतिशत की गिरावट हुई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह कमी सिर्फ 6 प्रतिशत रही.' शिखा गोयल के अनुसार यह सफलता कई सुधारात्मक कदमों का परिणाम है.

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साइबर अपराध के खिलाफ तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अब तक साइबर फ्रॉड के शिकार पीड़ितों को 350 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वापस दिलाई है. ब्यूरो की निदेशक शिखा गोयल ने मंगलवार को बताया कि पूर्ण रूप से कार्यात्मक ब्यूरो बनने के बाद से हमने 2.44 लाख नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल शिकायतों को संभाला, 58,244 एफआईआर दर्ज कीं और साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को 350 करोड़ रुपये से अधिक की वापसी निष्पादित की.

देश में साइबर अपराध में 29 प्रतिशत की वृद्धि 

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो की निदेशक शिखा गोयल ने बताया कि 'जहां पूरे देश में साइबर अपराध में 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं तेलंगाना में साइबर अपराध में 8 प्रतिशत की कमी देखी गई है और वित्तीय नुकसान में भी 30 प्रतिशत की गिरावट हुई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह कमी सिर्फ 6 प्रतिशत रही.' शिखा गोयल के अनुसार यह सफलता कई सुधारात्मक कदमों का परिणाम है, जिनमें 1930 हेल्पलाइन को अपग्रेड करना, पुट ऑन होल्ड मैकेनिज्म को मजबूत करना और उच्च न्यायालय के सहयोग से मॉडल रिफंड सिस्टम विकसित करना शामिल है.'

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साइबर सुरक्षा को “दैनिक आदत” बनाने की सलाह दी

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बता दें कि तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो की निदेशक शिखा गोयल ब्यूरो द्वारा शुरू की गई “फ्राउड का फुल स्टॉप” नामक राज्यव्यापी साइबर जागरूकता मुहिम के शुभारंभ के अवसर पर बोल रही थीं. यह छह सप्ताह का गहन अभियान नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा कौशल और साइबर फ्रॉड से बचाव के व्यावहारिक तरीकों के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित है. उन्होंने नागरिकों को साइबर सुरक्षा को “दैनिक आदत” बनाने की सलाह दी.

तेलंगाना पुलिस महानिदेशक शिवाधर रेड्डी ने भी दी खास टिप्स 

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इस खास मौके पर तेलंगाना पुलिस महानिदेशक शिवाधर रेड्डी ने कहा कि 'साइबर अपराध को प्रत्येक यूनिट में मुख्य पुलिसिंग प्राथमिकता के रूप में लिया जाना चाहिए, उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशों का उल्लेख करते हुए सभी जिलों में ब्यूरो के साथ मजबूत समन्वय बनाए रखने और जागरूकता कार्यक्रमों को थानों, एसडीपीओ और जिला स्तर तक लगातार चलाने के निर्देश दिए. इसके अलावा उन्होंने कहा कि 'लोगों को डिजिटल गिरफ्तारी, निवेश फ्रॉड, वेश बदलकर धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड, लोन ऐप उत्पीड़न और सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग जैसे प्रमुख साइबर अपराध तरीकों के बारे में भी जागरूक करना बेहद जरूरी है.'

6 हफ्ते का साइबर जागरूकता कैंपेन 

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बता दें कि तेलंगाना में साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए 6 हफ्ते के लिए “फ्रॉड का फुल स्टॉप” कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसमें फिजिकल आउटरीच और डिजिटल एंगेजमेंट को मिलाया गया है. यह प्रोग्राम हर हफ्ते खास साइबर फ्रॉड थीम पर फोकस करता है, जिसमें 1930 रिपोर्टिंग, डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट स्कैम, हैकिंग के खतरे, आइडेंटिटी थेफ्ट और महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा शामिल है. इस कैंपेन में वर्कशॉप और सेमिनार, स्कूल और कॉलेज जागरूकता प्रोग्राम, फ्लैश मॉब, साइबर सेफ्टी वॉक, रैली, पोस्टर, पेंटिंग और शॉर्ट-वीडियो कॉम्पिटिशन, नुक्कड़ नाटक, शपथ अभियान और सोशल मीडिया चैलेंज, लाइव ऑनलाइन बातचीत और बड़े जंक्शन, बाज़ार, रेलवे स्टेशन और RTC बस स्टैंड पर रोज़ाना सेफ्टी टिप्स और जिंगल बजाए जाते हैं. इस मौके पर बोलते हुए शिखा गोयल ने कहा कि तेलंगाना के पास भारत का सबसे मज़बूत, डेटा-ड्रिवन साइबरक्राइम रिस्पॉन्स सिस्टम है.

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