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Tejaswi ने पहले मना किया, अब Lalu ने Nitish के लिए खोले दरवाजे, होगा अब बड़ा ‘उलटफेर’?
लालू का नीतीश को लेकर बयान देना बहुत मायने रखता है. चलिए अब आपको बताते हैं कि लालू ने ऐसा क्या बयान दे दिया है. जिसने बिहार की राजनीतिक सस्पेंस को और बढ़ा दिया है.
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बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाला है। और जैसे-जैसे चुनावी दिन नज़दीक आ रहे हैं। बिहार में राजनीतिक सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। और इसके केंद्र में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। क्योंकि नीतीश कुमार को लेकर अब लालू यादव ने कुछ ऐसा बयान दे दिया है कि बिहार की राजनीति में सस्पेंस और ज्यादा बढ़ गया है। अब चुंकि आप जानते हैं कि लालू सियासत की दुनिया के दिग्गज और पुराने नेता हैं। ऐसे में लालू का नीतीश को लेकर बयान देना बहुत मायने रखता है। चलिए अब आपको बताते हैं कि लालू ने ऐसा क्या बयान दे दिया है। जिसने बिहार की राजनीतिक सस्पेंस को और बढ़ा दिया है।
कहा जाता है कि सियासत की कोई मंजिल नहीं कब, कहां और किस करवट बैठ जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है।सियासत में न ही कोई आपका मुस्तकिल दोस्त होता है और नहीं दुश्मन। सब वक्त का खेल होता है. फ़िलहाल लालू यादव के एक बयान ने बिहार की राजनीति में सस्पेंस बढ़ा दिया है। दरअसल, राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव ने नए साल के पहले ही दिन एक यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू में नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान देते हुए महागठबंधन में शामिल होने का न्योता दे दिया। लालू यादव का यह बयान इसलिए भी सस्पेंस क्रिएट करता है क्योंकि अभी कुछ पहले ही लालू यादव के बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा था कि नीतीश के लिए अब दरवाजें बंद हैं।लेकिन अब राजद सुप्रीमों लालू यादव का नीतीश को गठबंधन में शामिल होने का न्योता देना, इसके कई मायने हैं।लालू यादव ने अपने इंटरव्यू में कहा- "नीतीश कुमार साथ में आए और काम करें. उनके दरवाजे जनता और नीतीश कुमार सबके लिए खुले हुए हैं। अगर नीतीश कुमार उनके साथ आना चाहते हैं तो वह उनका स्वागत करेंगे। नीतीश कुमार साथ आए और मिलकर काम करें, कोई दिक़्क़त नहीं है"
अब लालू यादव का चुनाव से पहले इस तरह का बयान देना। इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। और बिहार की सियासत में सस्पेंस को बढ़ा दिया है।
चाचा नीतीश कुमार के लिए उनके दरवाजे बंद हो गए हैं। अब नीतीश साथ आना भी चाहेंगे तो वह उनको नहीं लेंगे। आपको बता दें कि नीतीश कुमार 30 दिसंबर को दिल्ली दौरे के दौरान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने वाले थे। लेकिन उनकी मुलाक़ात नहीं हो पाई और फिर शाम को नीतीश पटना लौट गए।और नीतीश ने लौटने के बाद भी खामोशी बरकरार रखी। और बिहार की सियासी गलियारे में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गयी। अब इसी बीच लालू यादव का नीतीश को लेकर बयान आ गया कि जब चाहे नीतीश महागठबंधन में आ सकते हैं। वे उनका स्वागत करेंगे। इन सबके के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।और कहा जा रहा है कि बिहार की राजनीति में ज़रूर कुछ बड़ा होने वाला है।
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