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तेजस्वी यादव ने किया ऐलान, RJD सत्ता में आई तो ताड़ी निकालने वालों को शराबबंदी कानून से मिलेगी छूट
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गुरुवार को ऐलान किया है कि अगर विधानसभा चुनाव में आरजेडी जीतती है और उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो ताड़ी निकालने वालों को शराब बंदी कानून से मुक्त कर दिया जाएगा।
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बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए ऐलान होने में कई महीने का वक्त भले ही बचा हो लेकिन सियासी दलों ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। इस बीच नेताओं के वादों का सिलसिला भी अब शुरू होता दिखाई दे रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ऐलान किया है कि अगर विधानसभा चुनाव में आरजेडी जीतती है और उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो ताड़ी निकालने वालों को शराब बंदी कानून से मुक्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके इस कदम से उन लोगों को राहत मिलेगी जो ताड़ी बेचकर पण घर चलते है।
मुख्यमंत्री फिट नही: तेजस्वी
दरअसल, नीतीश सरकार ने अप्रैल 2016 में सूबे में शराब की बिक्री और खपत पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसी शराबबंदी कानून के अंतर्गत ताड़ी को रखा गया, यही वजह है कि अब चुनावी मौसम में आरजेडी ने यह अहम मुद्दा उठाकर दलित वर्ग के वोटों को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही कई मुद्दों पर तेजस्वी यादव लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ज़ुबानी हमला कर रहे है। इस बीच बार फिर नेता प्रतिपक्ष ने नीतीश कुमार की हेल्थ पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा है मुख्यमंत्री राज्य की सत्ता चलने के लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट नहीं हैं। इसके साथ ही उन्हें लालू यादव की सरकार का हवाला देते हुए कहा जब पिता जी की सरकार थी तब राज्य में ताड़ी की बिक्री पर लगने वाले करों में छूट दी थी। इससे आबादी के सबसे गरीब तबके को राहत मिली। सत्ता में आने पर हम भी ऐसा ही करेंगे।
चलेगा नशा मुक्ति अभियान
वही तेजस्वी ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह भी कहा कि हम किसी भी तरह से नशीले पदार्थों के सेवन को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं हैं और यह हक़ीक़त बात है कि हम सत्ता में आए तो नशा मुक्ति अभियान को विशेष तौर पर शुरू करेंगे। फ़िलहाल बिहार में हम इस वाट को लेकर गंभीर है कि अवैध शराब की बिहार में बहुत खपत हो रही है। इस काम में लगे बड़े माफ़िया पुलिस की पकड़ से बाहर है। जबकि गरीबों पर पुलिसिया कार्रवाई हो रही है। हमारी कोशिश होगी कि इस स्थिति को ठीक करें।
बताते चले कि बिहार में विधानसभा चुनाव अक्टूबर नवंबर के महीने में होने के आसार है। इसको लेकर चुनाव आयोग की टीम भी बिहार के अलग-अलग जिलों का दौरा कर चुकी है। यही वजह है कि सारे राजनीतिक दलों की सक्रियता के साथ-साथ बयानबाजी भी नेताओं के बीच जमकर चल रही है। वही अब जनता को लुभाने के लिए वादों का एलान भी किया जा रहा है।
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