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'प्रसाद लें और श्रद्धा से पूजा करें, अगर ऐसा...' गरबा में गैर-हिन्दुओं की एंट्री पर बोले डिप्टी सीएम विजय शर्मा

विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा, "मैं खुद कह रहा हूं, उन्हें स्वयं ही ध्यान देना चाहिए कि यह धार्मिक अनुष्ठान है.देवी माता के मंदिर में नारियल का जोड़ा लेकर साष्टांग प्रणाम करें, प्रसाद लें और श्रद्धा से पूजा करें.अगर ऐसा करने की नीयत हो, तभी गरबा कार्यक्रमों में जाएं।"

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छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गरबा को लेकर वक्फ बोर्ड की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गरबा कोई साधारण नृत्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक धार्मिक अनुष्ठान और पूजा की पद्धति है.उन्होंने कहा कि सभी को इसकी मर्यादा का पालन करना चाहिए और निष्ठा से इस आयोजन में शामिल होना चाहिए.

गरबा को लेकर वक्फ बोर्ड की अपील पर बोले उपमुख्यमंत्री

विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा, "मैं खुद कह रहा हूं, उन्हें स्वयं ही ध्यान देना चाहिए कि यह धार्मिक अनुष्ठान है.देवी माता के मंदिर में नारियल का जोड़ा लेकर साष्टांग प्रणाम करें, प्रसाद लें और श्रद्धा से पूजा करें.अगर ऐसा करने की नीयत हो, तभी गरबा कार्यक्रमों में जाएं."

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डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने की आयोजकों से अपील

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उन्होंने आयोजकों से भी अपील की कि केवल धर्मनिष्ठ और आस्थावान लोग ही ऐसे धार्मिक आयोजनों में भाग लें.साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल इस मामले में कोई कानूनी पाबंदी नहीं है, लेकिन धार्मिक भावनाओं की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.

विजय शर्मा ने बताया कि जगदलपुर में स्वदेशी मेला का आयोजन शुरू हो चुका है, जो राज्य में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है.इस मेले में 4 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे.

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उपमुख्यमंत्री ने कहा, "केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति से स्वदेशी वस्तुओं को नया प्रोत्साहन मिलेगा और जनता को इन्हें अपनाने का एक प्रेरणादायक संदेश जाएगा.”

स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने पर काम कर रही है सरकार 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लगातार स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है ताकि स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और उत्पादों को नई पहचान मिल सके.

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एनएसयूआई के धरने को लेकर दर्ज एफआईआर पर भी डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अपनी बात रखी.उन्होंने कहा कि एक महिला अधिकारी के चेंबर में घुसकर विरोध प्रदर्शन करना और गाली-गलौच करना पूरी तरह अनुचित है.

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उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में सभी को विरोध का अधिकार है, लेकिन हमें शासन के कार्यालयों की गरिमा और मर्यादा बनाए रखनी चाहिए.हमने भी आंदोलन किए हैं, लेकिन संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए.”

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