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LAC पर दिखी दोस्ती की मिठास, दिवाली के मौके पर भारत-चीन सैनिकों ने एक दूसरे को बांटी मिठाइयां

दिवाली के अवसर पर लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कई सीमा चौकियों पर एक दूसरे को मिठाइयां दीं। यह घटनाक्रम बॉर्डर पर तनाव में कमी को दर्शाता है क्योंकि भारत और चीन की ओर से केंद्र शासित प्रदेश में एलएसी पर सैनिकों के पीछे हटाने की प्रक्रिया जारी है।

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भारतीय और चीनी सैनिकों ने गुरुवार को लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर एक दूसरे को मिठाइयां भेंट की। यह घटना न केवल द्विपक्षीय संबंधों के प्रति एक सकारात्मक संकेत है, बल्कि यह दर्शाता है कि तनाव के बावजूद मानवता और भाईचारे की भावना हमेशा बनी रहती है। इस मिठाई के आदान-प्रदान का आयोजन एलएसी पर कई सीमा चौकियों पर किया गया। यह घटना भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव में कमी को दर्शाती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत-चीन के बीच पीछे हटने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

दिवाली के इस मौके पर मिठाइयों का आदान-प्रदान, विशेष रूप से उस समय में, जब दोनों देशों के बीच गतिरोध रहा है, यह साबित करता है कि शांति की ओर एक सकारात्मक कदम उठाया जा रहा है।
एलएसी पर तनाव कम करने की प्रक्रिया
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय और चीनी सेनाओं ने पिछले कुछ समय से एलएसी पर एक-दूसरे के पोजीशन की वेरिफिकेशन प्रक्रिया को शुरू किया है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि दोनों पक्षों के बीच कोई गलतफहमी न हो। इस प्रक्रिया में देपसांग मैदान और डेमचोक जैसे क्षेत्रों में टेम्परेरी स्ट्रक्चर को हटाने का काम पूरा किया गया है। भारतीय सैनिक अब ‘अड़चन’ वाले क्षेत्रों से आगे गश्त कर सकेंगे, जिससे भारतीय सुरक्षा की स्थिति मजबूत होगी।

सेना के सूत्रों ने बताया कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दो दिनों में समन्वित गश्त शुरू होगी। दोनों पक्षों को पहले से सूचित किया जाएगा, ताकि टकराव की स्थिति पैदा न हो।

मानवता की मिसाल, मिठाई का महत्व

दिवाली का त्योहार मिठास और भाईचारे का प्रतीक है। जब भारतीय और चीनी सैनिक एक दूसरे को मिठाई भेंट करते हैं, तो यह दिखाता है कि सीमाओं पर भी मानवता और भाईचारे की भावना महत्वपूर्ण है। मिठाई का आदान-प्रदान न केवल एक सकारात्मक संकेत है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों की उम्मीद जगाता है। इस प्रकार की घटनाएँ हमें यह सिखाती हैं कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, हमें एक-दूसरे के साथ भाईचारा और सम्मान बनाए रखना चाहिए।

हालांकि, 2020 में गतिरोध के बाद, लद्दाख में बड़ी संख्या में भारतीय सैनिकों की तैनाती जारी रहेगी। जब तक चीन के साथ सीमा पर पेट्रोलिंग तंत्र पर व्यापक सहमति नहीं बन जाती, तब तक किसी भी सैनिक को वापस बुलाने की योजना नहीं है। इसके साथ ही, अरुणाचल प्रदेश में भी इसी तरह की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। यांग्त्से, असाफिला और सुबनसिरी घाटियों में भी हालात पर ध्यान दिया जा रहा है।

इस दिवाली, भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच मिठाई का आदान-प्रदान एक नई शुरुआत का प्रतीक है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि तनाव और संघर्ष के बीच भी मानवता की भावना हमेशा जीवित रहती है।
Source- IANS
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