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स्वामी कैलाशानंद गिरि का अखिलेश पर हमला, 'कुंभ पर सवाल उठाने वाले सनातन धर्म के लिए वायरस हैं'

महाकुंभ के ख़िलाफ़ नेताओं पर आचार्य महामंडलेश्वर निरंजन अखाड़ा स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कुंभ पर सवाल खड़ा करना हिंदू और सनातन धर्म पर सीधा हमला है।

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हुआ सनातन धर्म का सबसे बड़ा आयोजन महाकुंभ 26 फरवरी को ख़त्म हो चुका है। इस आयोजन में देश-दुनिया के विभिन्नकोने से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु संगम नगरी पहुंच कर त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाए, वही इस दौरान कुछ ऐसे राजनीतिक दल नेता के बयान भी सुनने को मिले जो इस आयोजन और इस दौरान हुई एक भगदड़ को लेकर विपरीत बयान दे रहे थे। ऐसे बयान देने वाले लोगों और नेताओं पर  आचार्य महामंडलेश्वर निरंजन अखाड़ा स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कुंभ पर सवाल खड़ा करना हिंदू और सनातन धर्म पर सीधा हमला है। 

हिंदू अब जाग चुका है: स्वामी कैलाशानंद

स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा, "जो लोग कुंभ पर सवाल उठा रहे हैं, वे दरअसल सनातन धर्म के खिलाफ आवाज खड़ी कर रहे हैं। करोड़ों श्रद्धालु कुंभ में स्नान करने आते हैं, जिससे यह साबित होता है कि हिंदू और सनातनी अब जाग चुके हैं। उनके खिलाफ बयान देना न केवल सनातनियों के खिलाफ है बल्कि देशहित के भी खिलाफ है।"2021 के हरिद्वार कुंभ को लेकर अखिलेश यादव ने कहा था कि वहीं से कोरोना वायरस फैला था। इस पर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि कुंभ में नहाने से लोग पवित्र होते हैं, न कि अपवित्र। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग कुंभ पर सवाल खड़े कर रहे हैं, वे खुद सनातन धर्म के लिए वायरस हैं।

दिव्य था आयोजन 

महामंडलेश्वर की उपाधि के लिए पैसे लिए जाने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज किया। उन्होंने कहा कि साधु-संतों और आम जनता के लिए भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च होता है, जिसे श्रद्धालु स्वेच्छा से दान देते हैं। कोई जबरन पैसा नहीं लिया जाता।संभल में बन रहे कलकी धाम मंदिर को लेकर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने सभी हिंदुओं से एकजुट होने और योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी सनातनी और हिंदू एक रुपये का दान और शिला दान कर इस पवित्र कार्य में भाग लें। उन्होंने कहा, "भगवान कल्कि, श्रीकृष्ण का अवतार हैं, जिनका जन्म संभल में होना है। इसलिए सभी हिंदुओं को इस मंदिर के निर्माण में पूरा सहयोग देना चाहिए।"


ग़ौरतलब है कि इस महाकुंभ में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न क्षेत्रों के तमाम हस्तियों ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाए थे। वही प्रदेश सरकार की माने तो इस धार्मिक आयोजन में 66 करोड़ से भी ज़्यादा श्रद्धालु शामिल होने संगम नगरी पहुंचे थे। 
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