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वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे नहीं, कहा- इसमें अच्छे प्रावधान भी; 7 दिन में जवाब दाखिल करेगा केंद्र
Supreme Court on Waqf Amendment Act: सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल वक्फ कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. साथ ही केंद्र को अपना जवाब दाखिल करने कि लिए समय दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार के जवाब तक यथास्थिति बनी रहेगी. कोर्ट ने कहा कि कानून में अच्छे प्रावधान भी हैं.
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सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल वक्फ कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. साथ ही केंद्र को अपना जवाब दाखिल करने कि लिए समय दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार के जवाब तक यथास्थिति बनी रहेगी.
'कानून में अच्छे प्रावधान भी हैं'
कोर्ट ने कहा कि कानून में अच्छे प्रावधान भी हैं. ऐसे में पूर्ण रोक लगाना ठीक नहीं है. सीजेआई ने सरकार से इस पर 7 दिन में जवाब देने के लिए कहा है.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि सरकार लोगों के प्रति जवाबदेह है. उसे बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन मिले, जिनमें जमीन के बड़े हिस्सों या पूरे गांव को वक्फ की संपत्ति के रूप में दावा किया गया था. मेहता ने कहा कि ऐसे लाखों आवेदनों के जवाब में ये कानून लाया गया है. इस मामले का सार्वजनिक रूप से बहुत महत्व है. उन्होंने कोर्ट से कहा कि सरकार का पक्ष सुने बिना संशोधित कानून पर रोक लगाना कठोर कदम होगा.
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SG ने मांगा एक हफ्ते का समय
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केंद्र की ओर से पैरवी कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा. उन्होंने कहा कि इस पर विचार विमर्श करने की जरूरत है. जल्दबाजी में इस पर फैसला नहीं लिया जा सकता. कोर्ट ने मेहता की बात को रेकॉर्ड में लिया और सरकार को इस पर जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है. याचिकाकर्ता सरकार के जवाब पर 5 दिन के भीतर जवाब दाखिल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार जवाब दाखिल नहीं करती है, तब तक कानून को लेकर यथास्थिति रहेगी.
5 मई को अगली सुनवाई
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एसजी मेहता ने कोर्ट को ये भी आश्वासन दिया कि सुनवाई की अगली तारीख तक वक्फ कानून 2025 के तहत बोर्ड और परिषदों में कोई नियुक्ति नहीं होगी. उन्होंने यह भी कहा कि अधिसूचना या गजट द्वारा पहले से घोषित वक्फ बाय यूजर समेत वक्फ की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अब अगली सुनवाई 5 मई को होगी.