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अमेरिकी यात्रा के दौरान पत्रकार से दुर्व्यवहार पर सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल को घेरा

राहुल गांधी अपने अमेरिकी दौरे पर थे और वहां कई इंटरव्यू और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे थे। एक पत्रकार ने जब उनसे बांग्लादेशी हिंदुओं के बारे में सवाल पूछा, तो राहुल गांधी के सहयोगी का गुस्सा फूट पड़ा। पत्रकार ने आरोप लगाया कि न सिर्फ उससे मारपीट की गई, बल्कि उसका फोन छीनकर इंटरव्यू भी डिलीट कर दिया गया। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी और भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना की है।

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हाल ही में, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अमेरिकी यात्रा के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। घटना में एक पत्रकार पर राहुल गांधी के सहयोगी द्वारा कथित रूप से हमला किया गया। बताया जा रहा है कि जब पत्रकार ने बांग्लादेशी हिंदुओं से जुड़े एक सवाल पूछा, तो राहुल गांधी के सहयोगी ने पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया। यह घटना उस समय की है जब राहुल गांधी अपने अमेरिकी दौरे पर थे और वहां कई इंटरव्यू और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे थे। एक पत्रकार ने जब उनसे बांग्लादेशी हिंदुओं के बारे में सवाल पूछा, तो राहुल गांधी के सहयोगी का गुस्सा फूट पड़ा। पत्रकार ने आरोप लगाया कि न सिर्फ उससे मारपीट की गई, बल्कि उसका फोन छीनकर इंटरव्यू भी डिलीट कर दिया गया।  इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी और भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना की है।
भाजपा के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी हर संसदीय सत्र के बाद विदेश जाते हैं और वहां भारत विरोधी बयान देते हैं। अब अमेरिका में पत्रकार से मारपीट और उसका इंटरव्यू डिलीट करना कांग्रेस की असली मानसिकता को दर्शाता है। यह घटना कांग्रेस के सत्ता में न रहते हुए भी उनके भीतर मौजूद अहंकार को उजागर करती है।"
भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि विपक्ष में थोड़ा सा भी शक्ति मिलने पर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता आक्रामक हो जाते हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी से सवाल किया, "आपके सहयोगी ने पत्रकार के साथ ऐसा क्यों किया? क्या यह आपकी जानकारी में था या आपके आदेश पर किया गया?"
इस विवाद पर कांग्रेस की ओर से अभी कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राहुल गांधी के कुछ करीबी सूत्रों का कहना है कि यह घटना पूरी तरह से गलत ढंग से पेश की जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी हमेशा से ही मीडिया की स्वतंत्रता के पक्षधर रहे हैं और ऐसी कोई घटना उनके निर्देश पर नहीं हो सकती।
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