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अचानक उठा धुएं का गुबार चलने लगी ताबड़तोड़ गोलियां, ख़बर आई बाबा सिद्दकी की हत्या हो गई

महाराष्ट्र के मुंबई में बाबा सिद्दीक़ी की हत्या के बाद कई बड़े सवाल उठ रहे है कि आख़िर यह घटना हुई कैसे, आइए आपको बताते है की कैसे हमलावरों ने घटना को अंजाम दिया है। ज़िशन के ऑफ़िस के बाहर ना कहीं दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन हो रहा है ना हीं दुर्गा उत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में यह आतिशबाजी या पटाखे क्यों चल रहे हैं। इस बीच अचानक गोली अचलने की आवाज़ आई।जैसे ही कार्यकर्ता बाबा सिद्धिकी की कार के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि तीन लोग भाग रहे थे और बाबा सिद्ध की खून से लथपथ पड़े हुए थे

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महाराष्ट्र सरकार में पूर्व मंत्री रहे और एनसीपी गुट के बड़े नेता बाबा सिद्दीकी की शनिवार की रात गोली मारकर मुंबई की सड़कों पर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि इस घटना में बाबा सिद्दीकी को तीन गोलियां लगी। यह घटना बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी के ऑफिस के बाहर की बताई जा रही है घटना के बाद मुंबई पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो शूटरों को गिरफ्तार किया है जबकि एक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। इन सबके बीच सबके मन में यही सवाल है कि बाबा सिद्धिकी की हत्या को हमलावरों ने कैसे अंजाम दिया। इस पूरे हत्या पर महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कम्प मचा हुआ है । ख़ुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस घटना पर पुलिस को सख़्त निर्देश दिया है कि आरोपियों के ख़िलाफ़ सख़्त कारवाई हो।


शूटरों ने कैसे दिया घटना को अंजाम 

दरअसल, बाबा सिद्दीकी शनिवार की रात लगभग 9:00 बजे अपने बेटे जीशान सिद्दीकी के खेरवाड़ी स्थित कार्यालय में थे। जहां दोनों लगभग 9:30 बजे अपने घर के लिए रवाना होने वाले थे लेकिन अचानक जीशान सिद्दीकी को फोन आया और पहले किसी काम से अपने ऑफिस से जल्दी निकल गए। जीशान सिद्दीकी के निकलने के ठीक 5 मिनट बाद बाबा हमेशा की तरह अपने कार्यकर्ताओं से मिलते हुए बाहर निकले , बताया जा रहा है कि बाबा सिद्दीकी की कार ऑफिस से लगभग 100 मीटर की दूरी पर खड़ी थी। इस दौरान बाबा सिद्दीकी लोगों से मुलाकात कर रहे थे अचानक वहां पटाखे यानी आतिशबाजी फटने की आवाज आई जिसके चालते काफ़ी धुआं उठाने लगा। तभी बाबा सिद्धिकी के समर्थकों को इस बार का ध्यान आया कि आसपास में ना कहीं दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन रहा है ना हीं दुर्गा उत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में यह आतिशबाजी या पटाखे क्यों चल रहे हैं। इस बीच अचानक गोली अचलने की आवाज़ आई।जैसे ही कार्यकर्ता बाबा सिद्धिकी की कार के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि तीन लोग भाग रहे थे और बाबा सिद्ध की खून से लथपथ पड़े हुए थे। कार्यकर्ताओं ने तुरंत बाबा सिद्दीकी को लीलावती अस्पताल पहुंचाया जहां उन्हें डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया 


शुरुआती जानकारी के अनुसार बाबा सिद्दीकी की हत्या में 9.9 एमएम की पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ है जिसे पुलिस ने जप्त कर लिया है। वहीं बाबा सिद्दीकी के साथ मौजूद एक व्यक्ति को भी गोली लगी जो लीला होती अस्पताल में अभी भर्ती है पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में अभी तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि एक फरार हो गया है।
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