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हरियाणा में आवारा पशु से हादसा? सरकार देगी 5 लाख तक का मुआवजा
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस योजना के लिए पात्र है, तो आवेदन करना बहुत आसान है. इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नही, बस मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन फॉर्म भर दें
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CM Nayab Singh Saini: हरियाणा सरकार ने लोगों की सुरक्षा और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) को और बेहतर बनाने का बड़ा कदम उठाया है. अब इस योजना का लाभ लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है, क्योंकि सरकार ने नया दयालु-II पोर्टल शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस पोर्टल का शुभारंभ किया और बताया कि इससे उन परिवारों को तुरंत और पारदर्शी तरीके से आर्थिक मदद मिल सकेगी, जिनके किसी सदस्य के साथ आवारा या बेसहारा पशुओं की वजह से सड़क दुर्घटना हो जाती है. यह पोर्टल पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन, सरल और तेज बना देता है, ताकि पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता पाने में कोई परेशानी न आए.
सड़क दुर्घटना में मौत
सरकार ने साफ किया है कि अगर किसी नागरिक की आवारा पशु की वजह से दुर्घटना हो जाती है, तो वह इस योजना के तहत आर्थिक राहत पाने का हकदार होगा। अगर दुर्घटना में मौत या स्थायी दिव्यांगता होती है, तो परिवार को 1 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं, अगर दुर्घटना में सिर्फ चोट लगी है, तो भी पीड़ित को सरकार की ओर से कम से कम 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी. नई ऑनलाइन व्यवस्था आने से दावा करने की प्रक्रिया पूरी तरह सरल हो गई है, अब किसी को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और मदद सीधे बैंक अकाउंट में पहुंच जाएगी.
आवारा पशु से दुर्घटना?
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सरकार परिवार के साथ खड़ी है मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है. अगर किसी की जान या शरीर को नुकसान सिर्फ इसलिए होता है क्योंकि सड़क पर आवारा पशु घूम रहा था, तो यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि परिवार के लिए बहुत बड़ा सदमा होता है. इसलिए सरकार ने दयालु-II पोर्टल के जरिए यह सुनिश्चित किया है कि ऐसे समय में पीड़ित परिवार बिल्कुल अकेला महसूस न करे. नई प्रणाली से परिवहन, पुलिस, चिकित्सा और प्रशासन- सबके बीच तालमेल सुधरेगा और सहायता राशि जल्दी पास हो पाएगी.
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DBT के ज़रिए सीधे बैंक खाते में आएगी राशि
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पूरी सहायता राशि सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी. इसके लिए परिवार के पास Family ID (परिवार पहचान पत्र) होना जरूरी है, जिससे सरकार यह तय करती है कि सहायता सही व्यक्ति तक पहुंचे. जिला स्तर पर उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है, जो दुर्घटना से जुड़े सभी दस्तावेज़ जांचकर अंतिम निर्णय लेती है। इसके अलावा, जिला सांख्यिकी अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो हर मामले की प्रक्रिया को पूरा करवाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि किसी परिवार की फाइल अटकी न रह जाए.
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घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
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अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस योजना के लिए पात्र है, तो आवेदन करना बहुत आसान है. इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नही, बस मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन फॉर्म भर दें. आवेदन वेबसाइट: dapsy.finhry.gov.in आप चाहें तो जन सहायक मोबाइल ऐप का उपयोग करके भी आवेदन जमा कर सकते हैं. ऑनलाइन सिस्टम की वजह से पूरी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और तेज हो गई है .. आप अपने आवेदन की स्थिति भी घर बैठे चेक कर सकते हैं.