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'अब रोक दीजिए...', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में बताई ऑपरेशन सिंदूर रोकने की असली वजह, कहा- शेर अगर मेंढक को मारे तो...

लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को सेना के शौर्य और भारत की बदली हुई सुरक्षा नीति का प्रतीक बताया. उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए इसे भारत की आत्मा पर हमला कहा, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई. राजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर एक सटीक और सीमित समय वाला सैन्य अभियान था, जिसमें सिर्फ 22 मिनट में पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए गए और 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. उन्होंने कहा कि भारत की आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अब सिर्फ शब्द नहीं, ठोस कार्रवाई बन चुकी है.

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संसद के लोकसभा सदन में सोमवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बहस की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. यह सिर्फ एक सैन्य अभियान की चर्चा नहीं थी, बल्कि भारत की बदलती सुरक्षा नीति, आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को दो टूक संदेश देने वाली एक सशक्त राजनीतिक प्रतिक्रिया भी थी. 

सदन में बहस की शुरुआत में ही राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना के शौर्य का प्रतीक बताया. उन्होंने उन सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. उन्होंने पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह हमला केवल नागरिकों पर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा पर हमला था. इस घटना में 26 मासूम नागरिकों की जान गई, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था. हमलावरों ने धर्म पूछकर हत्या की, जो मानवता के खिलाफ सबसे घृणित उदाहरण है.

आतंकियों के आकाओं का खात्मा

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रक्षा मंत्री ने साफ किया कि ऑपरेशन सिंदूर कोई सामान्य कार्रवाई नहीं थी. यह एक रणनीतिक, सटीक और सीमित समय में पूरा किया गया सैन्य ऑपरेशन था, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों ने महज 22 मिनट के अंदर पाकिस्तान स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और ध्वस्त कर दिया. इस दौरान 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. इनमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के प्रशिक्षक, हैंडलर और सहयोगी शामिल थे. भारत ने इस मिशन से दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया कि आतंक के खिलाफ उसकी नीति में कोई समझौता नहीं होगा.

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पाकिस्तान की नाकाम साजिश 

रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह आत्मरक्षा में किया गया था. पाकिस्तान ने 10 मई की रात लगभग 1:30 बजे मिसाइल, ड्रोन और अन्य लंबी दूरी के हथियारों से भारत पर बड़ा हमला किया, लेकिन भारतीय सेना और एयर डिफेंस सिस्टम ने हर हमले को नाकाम कर दिया. S-400, आकाश मिसाइल सिस्टम और वायु रक्षा बंदूकें इस ऑपरेशन में बेहद कारगर साबित हुईं. पाकिस्तान किसी भी भारतीय टारगेट को हिट करने में पूरी तरह असफल रहा। यह हमारी सैन्य तैयारी और रणनीति की जीत थी.

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क्या ऑपरेशन किसी दबाव में रोका गया?

लोकसभा में उठते सवालों का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि यह सोचना कि भारत ने किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर ऑपरेशन सिंदूर रोका, पूरी तरह गलत है. भारत ने अपने निर्धारित टारगेट पूरे कर लिए थे, इसीलिए ऑपरेशन को रोका गया. पाकिस्तान की तरफ से जब डीजीएमओ के माध्यम से संपर्क किया गया और बातचीत की पेशकश हुई, तब भारत ने यह कदम उठाया. लेकिन रक्षा मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान की तरफ से दोबारा कोई साजिश होती है, तो ऑपरेशन सिंदूर फिर से शुरू किया जाएगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जंग सिर्फ सरहद पर नहीं, बल्कि वैचारिक स्तर पर भी लड़ी जा रही है. प्रधानमंत्री द्वारा बनाए गए प्रतिनिधिमंडलों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात मजबूती से रखी और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन को मजबूत किया. राजनाथ सिंह ने इन प्रयासों में शामिल सांसदों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने देश की आवाज को दुनिया तक प्रभावशाली ढंग से पहुंचाया.

संसद में विपक्ष के सवालों पर राजनाथ का जवाब

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राजनाथ सिंह ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जब प्रश्न पूछना ही है, तो यह पूछा जाए कि ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा या नहीं. उत्तर है– 'हां, यह पूरी तरह सफल रहा.' उन्होंने कहा कि विपक्ष छोटे मुद्दों पर ध्यान देने की बजाय सेना के हौसले और रणनीतिक सफलताओं पर ध्यान दे. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

पाकिस्तान की असली तस्वीर

रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि यह देश आतंक की नर्सरी बन चुका है. वहां आतंकियों को स्टेट फ्यूनरल दिया जाता है और सैन्य अधिकारी खुद उसमें हिस्सा लेते हैं. पाकिस्तान की सरकार, सेना और ISI मिलकर आतंकवाद को प्रॉक्सी वॉर की तरह भारत के खिलाफ इस्तेमाल करते हैं. भारत अब इस खेल को समझ चुका है और जवाब उसी भाषा में देने में सक्षम है। मोदी सरकार की नीति स्पष्ट है. हम शांति चाहते हैं, लेकिन कोई अगर हमारी संप्रभुता से खिलवाड़ करेगा तो उसे उसी की भाषा में जवाब मिलेगा. राजनाथ सिंह ने कहा कि ये मोदी का भारत है, जो शांति की भाषा भी जानता है और ज़रूरत पड़ने पर शांति के लिए हाथ उखाड़ने की ताकत भी रखता है.

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भारत की नीति 

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की आत्मा 'बुद्ध' की है, 'युद्ध' की नहीं. भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों से अच्छे संबंधों का इच्छुक रहा है. लेकिन जब कोई भारत की सीमाओं को लांघने की कोशिश करता है या नागरिकों को निशाना बनाता है, तब भारत जवाब देने से पीछे नहीं हटता। ऑपरेशन सिंदूर इसका सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है.

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ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि एक संदेश है. भारत अब किसी भी आतंकी हमले को चुपचाप सहने वाला देश नहीं रहा. यह एक ऐसा राष्ट्र है, जो अपनी नागरिकों की सुरक्षा, सेना के सम्मान और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. संसद में रक्षा मंत्री की हुंकार ने देशवासियों को यह भरोसा दिलाया कि भारत अब मजबूती के साथ खड़ा है, न सिर्फ रक्षा के लिए, बल्कि आतंक के हर ठिकाने को जड़ से मिटाने के लिए भी.

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