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मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर मची भगदड़, 9 लोग हुए घायल, जानिए क्यों हुई थी घटना

मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर दिवाली के अवसर पर भारी भीड़ के चलते भगदड़ मच गई, जिसमें 9 लोग घायल हो गए। लोग अपने घरों को लौटने के लिए ट्रेन में चढ़ने की जल्दी में थे, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई और हादसा हुआ। घटना के बाद घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर रविवार सुबह दिवाली के अवसर पर भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में नौ लोग घायल हो गए। तड़के करीब 2:25 बजे जब बांद्रा गोरखपुर एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर आई, तो घर लौट रहे यात्रियों की भीड़ बेकाबू हो गई, और अफरातफरी मच गई। घायलों में दो की हालत गंभीर है, जिनका इलाज मुंबई के भाभा अस्पताल में चल रहा है।
दिवाली की भीड़ और सुरक्षा में कमी
दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर घर लौटने की इच्छा में प्लेटफॉर्म पर भीड़ का बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन, इस घटना से यह साफ हुआ कि यात्री सुरक्षा में चूक हुई है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन को लेकर कई प्रयास किए, लेकिन बांद्रा टर्मिनस जैसे व्यस्त स्टेशन पर इस प्रकार की घटनाएं बढ़ते यातायात और सीमित सुरक्षा प्रबंधन के चलते आम होती जा रही हैं।

वैसे आपको बता दे भाभा अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में शब्बीर अब्दुल रहमान, परमेश्वर गुप्ता और अन्य शामिल हैं। इनकी स्थिर हालत बताई जा रही है, हालांकि नूर मोहम्मद शेख और इंद्रजीत साहनी की हालत गंभीर बनी हुई है। उनके परिवारों में तनाव का माहौल है और वे जल्द स्वास्थ्य सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।

हालांकि इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिनमें पुलिसकर्मी घायलों को स्ट्रेचर पर उठाते और ले जाते दिख रहे हैं। एक वीडियो में एक पुलिसकर्मी घायल को अपने कंधे पर उठाकर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। इन घटनाओं ने आम नागरिकों को स्तब्ध कर दिया है और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं कि इतने बड़े पर्व पर भीड़ प्रबंधन की पुख्ता तैयारी क्यों नहीं की गई।
बीएमसी और रेलवे प्रशासन का बयान
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और रेलवे प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद एक बयान जारी कर कहा कि भीड़ प्रबंधन की योजना बनाई जा रही है। उनके अनुसार, दिवाली के अवसर पर यात्रियों की भारी भीड़ संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे ताकि ऐसी दुर्घटनाएं दोबारा ना हों। हालांकि, कई नागरिकों का मानना है कि यह प्रबंधन लंबे समय से लापरवाही का शिकार हो रहा है और उन्हें यात्रियों की सुरक्षा में अधिक गंभीरता दिखानी चाहिए।

भारत में बढ़ती जनसंख्या के साथ बड़े त्योहारों पर रेलवे स्टेशनों पर भीड़ का बढ़ना एक आम समस्या है। ऐसे में रेलवे प्रशासन के लिए आधुनिक तकनीकी और सुरक्षा प्रबंधन की मदद से भीड़ को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण हो जाता है। इसके अलावा, यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित मार्गों की व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति जरूरी है।

इस घटना ने मुंबई और अन्य महानगरों में त्योहारों पर यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह आवश्यक है कि रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन मिलकर भीड़ प्रबंधन की प्रभावी योजनाएं तैयार करें।

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