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महाकुंभ के लिए धर्म नगरी काशी में भी चल रही विशेष तैयारी
एक तरफ़ पूरे प्रयागराज शहर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है वही दूसरी तरफ़ धर्म नगरी काशी में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच सकते है। इसको लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर बाबा काल भैरव और गंगा घाट पर भी तैयारीयां की जा रही है।
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ के लिए तैयारीयां अंतिम पायदान पर है। इस महाकुंभ में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालु के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इसी के मद्देनज़र मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के निर्देशन पर व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है, प्रयागराज में विभिन्न अखाड़ों का छावनी प्रवेश भी शुरू हो चुका है। भव्य और दिव्य पेशवाई ने आमजन को मुग्ध किया है तो वहीं वाराणसी में भी कुंभ का व्यापक असर देखा जा रहा है। एक तरफ़ पूरे प्रयागराज शहर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है वही दूसरी तरफ़ धर्म नगरी काशी में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच सकते है। इसको लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर बाबा काल भैरव और गंगा घाट पर भी तैयारीयां की जा रही है।
महाकुंभ की तैयारियों के लिए केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि वाराणसी में भी लगातार अधिकारियों की बैठक हो रही है। पूरे कुंभ के दौरान वाराणसी में 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने गंगा में चलने वाली सभी मोटर बोट पर रेट लिस्ट लगाने का फैसला किया है जो नाव चलाने वालों के साथ पर्यटकों के लिए भी बहुत फायदे का सौदा साबित होने जा रहा है। किसी भी तीर्थ पर विशेष अवसर के समय जुटने वाली बड़ी भीड़ स्थानीय साधन और संसाधनों की मांग बहुत बढ़ा देती है। ऐसे में श्रद्धालुओं की ओर से भी कई बार यह शिकायत आती है कि उनसे किसी सेवा और चीज के बदले बहुत अधिक चार्ज कर लिया गया। उनको ठगी का शिकार होने का भय रहता है। वहीं, मांग में वृद्धि के कारण स्थानीय दुकानदारों या सेवा प्रदाताओं को शिकायत होती है कि उनको ग्राहकों से उचित रकम नहीं मिल पा रही है।
ऐसे में सरकार का ये फैसला सभी पक्षों के लिए सही है। इस बारे में बात करते हुए स्थानीय निवासी गौरव द्विवेदी ने आईएएनएस को बताया, "काशी के घाटों पर अब नाव पर रेट लिस्ट चिपकेगी। यह सरकार की तरफ से बहुत अच्छी पहल है। क्योंकि अभी यह सीजन चल रहा है और बनारस में अगर देखा जाए तो कुछ दिनों से पर्यटन एकाएक बढ़ रहा है। यदि कोई ऐसा पर्यटक बनारस आता है जिसकी कोई जान-पहचान नहीं होती है तो सबसे बड़ी शिकायत यही सामने आती है कि नाव वालों ने ओवरचार्ज कर दिया। ऐसे में यह सरकार की बड़ी अच्छी पहल है।"
उन्होंने आगे कहा कि रेट लिस्ट के हिसाब से पेमेंट तय हो जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को अगर देखा जाए तो ये बहुत अच्छी चीज है। साथ ही इसमें नाव वालों का भी पक्ष देखते हुए दाम को मार्केट रेट से थोड़ा सा ऊपर रखा गया है। क्योंकि सीजन के समय में बहुत पर्यटक आते हैं जिससे डिमांड बढ़ते ही रेट काफी ज्यादा हो जाते हैं। ऐसे में नाव वालों को भी इस रेट लिस्ट से शिकायत नहीं होगी। सरकार ने काफी अच्छे से रेट तय किए हैं और देखा जाए तो टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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