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संसद में Yogi की शिकायत कर रहे थे सपाई जियाउर्रहमान बर्क फिर देखिये क्या हुआ
योगी सरकार के आदेश को हठधर्मी बताने वाले यही जिया उर रहमान बर्क ने उसी दौरान ये ऐलान भी किया था कि हम संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे।और अपने वादे के मुताबिक 24 जुलाई को उन्होंने संसद में ये मुद्दा उठाया फिर देखिये कैसे फटकार पड़ी।
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Yogi Adityanath : एक वक्त था। जब उत्तर प्रदेश में मुहर्रम की ताजिया निकलती थी। तो कभी रास्ते में पड़ने वाले पेड़ को कांट छांट दिया जाता था। तो कभी तार हटा दिये जाते थे। क्योंकि ताजिये की ऊंचाई का सवाल था। रास्ते में तार या पेड़ पड़ने से ताजिये को कोई नुकसान ना पहुंचे। इसीलिये कहीं तार हटा दिया जाता था। तो कहीं पेड़ काट दिये जाते थे। लेकिन योगी सरकार के सत्ता में आते ही सब कुछ बंद हो गया।क्योंकि Yogi Adityanath ने सीधे सपाट शब्दों में चेतावनी दे दी कि। त्योहार मनाना है तो नियमों के तहत मनाओ नहीं तो अपने घर में बैठ जाओ।
योगी के इस आदेश का ज्यादातर मुसलमानों ने पालन भी किया। और जिसने आदेश नहीं माना उन्हें यूपी पुलिस ने सख्ती के साथ आदेश मानने के लिए फटकार भी लगाई। क्योंकि ताजिये की ऊंचाई की वजह से कई बार हादसे भी होते रहे हैं। जिला गोंडा में ही ताजिया में करंट लग जाने से एक युवक की मौत हो गई थी। लेकिन इसके बावजूद संभल के सपाई सांसद जियाउर्रहमान बर्क लगातार योगी के आदेश का विरोध करते रहे। और यहां तक कह दिया कि।
"पहले 25 से 55 फीट तक की ताजिया निकलती थी और यह परंपरा सैकड़ों साल से चली आ रही है, मुसलमान कोई नई परंपरा शुरू नहीं कर रहे हैं, सरकार की ओर से जानबूझकर अड़चन डाली जा रही है, सरकार ने उन्हें इतना वक्त भी नहीं दिया कि वो कोर्ट जा पाते और अदालत में अपनी बात रख पाते, आने वाले दिनों में यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और सपा सरकार में सभी धर्मों का सम्मान होगा"
योगी सरकार के आदेश को हठधर्मी बताने वाले यही जिया उर रहमान बर्क ने उसी दौरान ये ऐलान भी किया था कि हम संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे। और अपने वादे के मुताबिक 24 जुलाई को उन्होंने संसद में ये मुद्दा उठाया। लेकिन वो ये बात शायद भूल गये थे कि ये राज्य का विषय है। जिसे संसद में नहीं उठाया जा सकता। यही वजह है कि सदन का संचालन कर रहीं संध्या राय ने तुरंत उन्हें टोकते हुए कह दिया कि।
"सपाई सांसद जिया उर रहमान बर्क सांसद बनने से पहले यूपी विधानसभा में विधायक थे। लेकिन इसके बावजूद नए नए सांसद जिया उर रहमान बर्क को शायद ये नहीं पता था कि राज्य का विषय विधानसभा में उठाया जाता है। संसद में नहीं। यही वजह है कि सदन का संचालन कर रहीं संध्या राय को उन्हें टोकना पड़ा। बात यहीं खत्म नहीं होती। संसद में रखी गई अपनी बात की वीडियो सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने जब सोशल मीडिया पर पोस्ट की तो। अड़चन को अर्चना लिख दिया। और मजबूती को मजबूरी लिख दिया। जिस पर विशाल नाम के एक शख्स ने लिखा। हिंदी सही से लिख ले भाई पहले "।
एक यूजर ने तो पूछ लिया। मजबूती या मजबूरी
शाकिब नाम के एक यूजर ने कह दिया। "मैटर तो सही से लिखवाया कीजिये"
योगी सरकार से पंगा लेने चले सपाई सांसद जियाउर रहमान बर्क ने हिंदी लिखने में भी गड़बड़ी की। तो सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें कुछ इसी तरह से ट्रोल करना शुरू कर दिया। वैसे आपको बता दें। नए नए सांसद बने जिया उर रहमान बर्क के इस विरोध का कोई फायदा नहीं हुआ। क्योंकि यूपी में मुहर्रम का जुलूस योगी सरकार की ओर से तय किये गये नियमों के मुताबिक ही निकली। और जहां नियम तोड़ा गया। वहां यूपी पुलिस ने तगड़ा एक्शन भी लिया। जो बता रहा है कि यूपी में बीजेपी को सीटें भले ही कम आई हों। लेकिन योगी सरकार का भौकाल कम नहीं हुआ है। सरकार ने अगर कोई आदेश दिया है। तो उसका पालन करना ही होगा।
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