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महाकुंभ में हुई भगदड़ की घटना पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर उठाए सवाल

महाकुंभ में हुई इस घटना को लेकर सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए है। इसके साथ ही सपा प्रमुख ने योगी सरकार को घेरते हुए पांच अपील की है।

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मौनी अमावस्या की सुबह महाकुंभ से जिस अमृत स्नान की तस्वीरों का सभी को इंतज़ार था लेकिन बीच रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते हुई भगदड़ की स्थिति ने इन तस्वीरों को बिल्कुल उलट कर रख दिया। महाकुंभ में हुई इस घटना को लेकर सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए है। इसके साथ ही सपा प्रमुख ने योगी सरकार को घेरते हुए पांच अपील की है। अखिलेश यादव ने कहा महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है। श्रद्धांजलि! 


अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया 

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है। श्रद्धांजलि! 

हमारी सरकार से अपील है कि: 
- गंभीर रूप से घायलों को एअर एंबुलेंस की मदद से निकटतम सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटलों तक पहुंचाकर तुरंत चिकित्सा व्यवस्था की जाए।
- मृतकों के शवों को चिन्हित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए।
- ⁠जो लोग बिछड़ गये हैं, उन्हें मिलाने के लिए त्वरित प्रयास किये जाएं। 
- हैलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए। 
- सतयुग से चली आ रही ‘शाही स्नान’ की अखण्ड-अमृत परंपरा को निरंतर रखते हुए, राहत कार्यों के समानांतर सुरक्षित प्रबंधन के बीच ‘मौनी अमावस्या के शाही स्नान’ को संपन्न कराने की व्यवस्था की जाए। 

श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वो इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें। सरकार आज की घटना से सबक लेते हुए श्रद्धालुओं के रुकने, ठहरने, भोजन-पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त प्रबंध करे।

हादसे में आहत हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना।

मायावती ने क्या कहा ?

वही दूसरी तरफ़ बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी इस हादसे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है की " प्रयागराज की संगम स्थली पर, महाकुम्भ में हुई भगदड़ में, जिन भी श्रद्धालुओं ने अपनी जान गवाई है व घायल हुये है। यह घटना अति-दुःखद व चिन्तनीय। ऐसे समय में कुदरत पीडि़तों कोे इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे, पार्टी की यही कामना।"

वही अखाड़ों के अमृत स्नान को लेकर अब असमंजस की स्थिति है। पहले तो अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने हादसे को देखते हुए अमृत स्नान को रद्द किया था वही सुबह 8 बजे के बाद उन्होंने यह कहा है कि अखाड़ा स्नान करेंगे। अभी सरकार से बातचीत चल रही है। 

ग़ौरतलब है कि कुंभ की परंपरा के अनुसार सन्यासी, बैरागी और उदासीन अखाड़े भव्य जलूस के साथ संगम तट में जाकर अमृत स्नान करते है। इसमें सबसे पहला स्नान पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अमृत स्नान करता है। ऐसे में मौनी अमावस्या को देखते हुए मंगलवार को हाई प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुआ कहा था कि सभी घाट संगम घाट है। जो भी श्रद्धालु जिस घाट पर है वही पर अपना स्नान करें। बताते चले कि मौनी अमावस्या से एक दिन पूर्व मंगलवार को रात आठ बजे तक 4.83 करोड़ लोगों ने स्नान किया, जबकि इससे पूर्व मकर संक्रांति के दिन पहले स्नान के दिन क़रीब   3.5 करोड़ और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई थी।
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