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सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अलीगढ़ में नहीं घुसने देने की मिली चेतावनी, जानिए क्या है पूरा मामला ?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के अलीगढ़ दौरे से पहले उनके खिलाफ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने विरोध का ऐलान किया है। इस विरोध को लेकर क्षत्रिय महासभा को कुछ हिंदू संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है।

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समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद लालजी सुमन द्वारा राणा सांगा पर की गई टिप्पणी के बाद से सूबे की सियासत में शुरू हुआ बवाल फिलहाल थमता दिखाई नहीं दे रहा है। इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव के अलीगढ़ दौरे से पहले उनके खिलाफ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने विरोध का ऐलान किया है। इस विरोध को लेकर क्षत्रिय महासभा को कुछ हिंदू संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। इन संगठनों ने खुलेटौर पर कहा है कि सपा प्रमुख को अलीगढ़ में घुसने नहीं देंगे।  


क्षत्रिय महासभा के ऐलान 

समाजवादी पार्टी के प्रमुख को अलीगढ़ में न घुसने देने की चेतवानी देने का मामला सामने आने के बाद अलीगढ़ पुलिस प्रशासन इसे गंभीरता से लेते हुए सतर्क है। वही प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां कर दी गई है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के ऐलान के बाद पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए है। ताकि किसी भी प्रकार की पूर्व मुख्यमंत्री के साथ घटना होने से रोका जा सके। इसको लेकर ज़िला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के बीच लगातार बैठक हो रही है। दरअसल, पूरे मामले की जड़ सपा सांसद रामजीलाल सुमन का एक बयान है जिसका सपा प्रमुख अखिलेश ने भी किया है। राणा सांगा पर सपा सांसद के विवादित बयान के बाद क्षत्रिय समाज ने  नाराजगी जताते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने जानबूझकर एक ऐसे व्यक्ति को समर्थन दिया है। इनका आरोप है कि अखिलेश यादव की सोच विभाजनकारी है। 


अलीगढ़ के निजी दौरे पर जाएंगे अखिलेश

सपा प्रमुख अखिलेश यादव शुक्रवर्को एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अलीगढ़ आ रहे है।  वो अलीगढ़ एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे और फिर एक निजी गेस्ट हाउस जाएँगे। अखिलेश के इस कार्यक्रम और दौरे को पूरी तरह से उनका निजी दौरा बताया गया है। लेकिन क्षत्रिय महासभा के विरोध के ऐलान के बाद माहौल काफ़ी गर्म है। क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष विवेक चौहान  ने चेतवानी दी है कि अखिलेश यादव के काफिले  को शहरी क्षेत्र में नहीं घुसने देंगे। अब देखना होगा की पुलिस प्रशासन द्वारा इस हालत को किस तरह संभाला जाता है क्योंकि अखिलेश यादव ने मीडिया में पहले ही यह बात कर दिया है कि सपा सांसद के बयान को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया है, अब अगर उस बयान को लेकर किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामा या कोई घटना घटती है तो उसकी ज़िम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की होगी। 
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