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Bangladesh से भागने के बाद शेख हसीना के पहले बयान ने दुनिया हिला कर रख दी

अमेरिका रणनीतिक लिहाज से बांग्लादेश के सेंट मार्टिन टापू पर कब्जा करना चाहता है, जिससे वो नजदीक से चीन पर नजर बना कर रख सके, खुद शेख हसीना ने इस बात का खुलासा किया है।

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Bangladesh : Bangladesh में तखतापलट के बाद से शेख हसीना भारत में शरण लिए हुए है। उनके बांग्लादेश छोड़ने के बाद से वहां लगातार हिंदुओं के मंदिर तोड़े जा रहे है, मंदिरों को आग लगाई जा रही है, महिलाओं के साथ दरिंदगी की जा रही है। कार्यकारी प्रधानमंत्री ने कार्यभार संभाल लिया है। और हिंदुओ के अधिकारों की रक्षा की बात भी कही है, लेकिन एक सवाल जो सबसे बड़ा है। वो ये है कि हसीना को अपना देश छोड़कर क्यों भागना पड़ा। कुछ लोग छात्रों का बेकाबू हो जाने को वजह मान सकते है, लेकिन असल कहानी क्या है वो खुद शेख हसीना ने बताई है। हसीना ने बांग्लादेश के हालात के लिए अमेरिका को जिम्मेदार बताते हुए कहा है कि अगर बंगाल की खाड़ी का एक टापू अमेरिका को सौंप दिया जाता तो उनकी सत्ता बना रहती। 5 अगस्त के बाद से हसीना चुप थी और अब उन्होने चुप्पी तोड़ी है, 


द इनोनॉमिक्स टाइम्स के हवाले से खबर निकलकर आई है। जिसके मुताबिक हसीना ने कहा है कि अगर मैं सेंट मार्टिन आइलैंड पर अपनी संप्रभुता छोड़ देती और अमेरिका को बंगाल की खाड़ी के इस हिस्से पर नियंत्रण करने दिया होता ।तो मैं सत्ता में बनी रह सकती थीं। अब यहां ये समझना जरुरी हो जाता है कि आखिर इस छोटे से टापू में ऐसा क्या खास है जो अमेरिका ने एस देश की सत्ता बदल दी।

रणनीतिक तौर पर अहम है द्विप

शेख हसीना ने जो आरोप अमेरिका पर लगाए है कितने गंभीर है उसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि इस टकराव में सीधे तौर पर चीन और अमेरिका का नाम जुड़ता है, भारत के भी हित इसमें दिखाई देते है। दरअसल चीन इस वक्त अपने ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है इस प्रोजेक्ट का नाम है बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव ।इस प्रोजेक्ट का मुख्य काम है बढ़ते हुए भारत को रोकना, बेल्ट एंड रोड़ इनिशिएटिव के रुप में चीन सैन्य अड्डों और आर्थिक व्यापार गलियारों की एक सीरीज तैयार कर रहा है।इस प्रोजेक्ट में बाग्लादेश भी चीन का भागीदार है, जो भारत को पसंद नहीं है, भारत इसके हमेशा विरोध में रहे है। क्योंकि ये प्रोजेक्ट पीओके से गुजरता है। चीन के इसी प्रोजेक्ट क कारण अमेरिका का नींद उड़ी हुई है। क्योंकि अगर चीन का ये प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है तो चीन का यूरोप में अपनी पकड़ मजबूत कर लेगा, यही बात अमेरिका को पसंद नहीं है। 

हालांकि इसके जवाब में भारत अमेरिका ने इंडो-पसैफिक नीती तैयार की है। दोनों देशों ने हिंद महासागर में चीन को रोकने के लिए QUAD और मालाबार जैसे नौसैनिक अड्डे भी तैयार किए है। अब उस क्षेत्र को भी समझ लिजिए कि अमेरिका के लिए ये क्षेत्र इतना जरुरी क्यों है। और क्यों अमेरिका इस क्षेत्र पर अपना दबदबा कायम करना चाहता है।

ये द्वीप बंगाल की खाड़ी के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में मौजूद है। इसका क्षेत्रफल मात्र तीन वर्ग किलोमीटर है। म्यांमार से मात्र 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भारत, बांग्लादेश, म्यांमार के बीच में मौजूद है। चीन पर नजर रखने के लिए अहम जगह है।

ASIA प्रांत में वर्तमान में अमेरिका का कोई बेस कैंप नहीं है, जो कि चीन के नजरिए ये अमेरिका सही नही मानता, और यही कारण है कि कुछ रिपोर्टस दावा करती है कि अमेरिका मणिपुर, म्यामांर, बांग्लादेश का कुछ हिस्सा तोड़कर एक अलग देश बना देना चाहता है। लेकिन अमेरिका की जो चाल है वो सब समझते है, और भारत उसका तोड़ भी निकालने में लगा है। और हो सकता है अमेरिका को सीधा संदेश देने के लिए भारत ने शेख हसीना को शरण दी हुई है।अब देखना होगा शेख हसीना के बयान के बाद अमेरिका को कितनी मिर्ची लगती है, और वो इस बयान पर कैसे प्रतिक्रिया देता है।

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