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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा, ICT ने मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी माना
Sheikh Hasina Death Penalty: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई गई है. ICT ने शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी करार दिया है.
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई गई है. शेख हसीन के साथ-साथ बंग्लादेश के पूर्व गृहमंत्री आसदुज्जमान खान कमाल को भी फांसी की सजा सुनाई गई है. दोनों को ही इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (बांग्लादेश) ने मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी करार दिया है. ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को बंग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड माना है.
ICT ने हमलों को सुनियोजित माना
जानकारी के मुताबिक, तीन जजों की ट्रिब्यूनल ने इस मामले में शेख हसीना को सजा सुनाई. ICT ने अपने फैसले में कहा कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा है कि अवामी लीग के कार्यकर्ता कथित रूप से सड़कों पर उतर आए और पार्टी नेतृत्व की पूरी जानकारी में सुनियोजित हमले किए.
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54 गवाहों के बयान सुने गए
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ICT ने अपने फैसले में कहा कि हमने 54 गवाहों के बयान सुने और ये संख्या कम नहीं है. हमने देशभर से आये अलग-अलग सबूतों को देखा. यूनाइटेड नेशंस की एजेंसी की रिपोर्ट पर भी हमने गौर किया और पाया कि शेख हसीना और गृहमंत्री के आदेश पर ही मानवता के खिलाफ अपराध किए गये हैं.
शेख हसीना, पूर्व गृहमंत्री और पूर्व पुलिस चीफ पर जज की तीखी टिप्पणी
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बांग्लादेश के जज ने जोर देकर कहा कि शेख हसीना, पूर्व गृहमंत्री और पूर्व पुलिस चीफ ने मिलकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था, ताकि प्रदर्शनकारियों को दबाया जा सके और मारा जा सके.
इस दौरान घातक हथियारों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. छात्रों को तलाशने के लिए ड्रोन की मदद लेने का आदेश खुद शेख हसीना ने दिया था.
पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान उकसाने के दोषी करार
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ICT ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को उकसाने का दोषी पाया. ट्रिब्यूनल ने कहा कि पूर्व गृह मंत्री और पुलिस महानिरीक्षक अत्याचारों को रोकने में विफल रहे. शेख हसीना सर्वोच्च कमांडर थीं. यह स्पष्ट है कि शेख हसीना का गृह मंत्री और पुलिस महानिरीक्षक पर हाई कंट्रोल था. प्रदर्शनकारियों पर अत्याचारों को रोकने के लिए उपाय करना उनकी जिम्मेदारी थी. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए.
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बांग्लादेश ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल पर सोमवार (17 नवंबर, 2025) को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (बांग्लादेश) द्वारा फैसला सुनाए जाने से पहले संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी.