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Shankaracharya Avimukteshwarananda ने CM Yogi के फ़ैसले पर उठाए सवाल
अकसर Modi पर तंज कसने वाले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अब Yogi को लेकर क्या कहा
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Yogi Sarkar : उत्तरप्रदेश की Yogi Sarkar ने एक आदेश क्या जारी किया यूपी से लेकर उत्तराखंड में बवाल मच गया। आदेश में ऐसा क्या था ? आदेश था कि भई कांवड़ रूट पर जो दुकानें पड़ती हैं वो अपनी नेमप्लेट लगा लें। इसका कारण क्या था ? कारण था कि कांवड़ियों की आस्था के साथ खिलवाड़ ना हो। कांवड़िये को पता हो कि वो अपनी कांवड़ कहां झुला रहा है, कांवड़िये को पता हो कि वो किसकी दुकान से सामान ले रहा है। बस इतनी सी बात थी। ना हिंदुओं को दिक़्क़त थी ना मुस्लिमों को। लेकिन दिक़्क़त हो गई राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों को।
फिर तो क्या विरोधी दल और क्या सहयोगी दल ? सारे के सारे दुश्मन बन बैठे सीएम योगी के। अखिलेश मायावती तो छोड़िए NDA के साथी दलों के नेता चिराग़ पासवान, जयंत चौधरी, केसी त्यागी ने भी हल्ला बोल कर दिया। खैर, योगी सरकार के इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई जिसके बाद 26 जुलाई तक इस पर अंतरिम रोक लगा दी गई है। इस पूरे विवाद के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का भी एक बयान सामने आया।
वैसे तो शंकराचार्यों को आपने राजनीति और राजनीतिक बयानबाज़ी से दूर ही देखा होगा लेकिन ये इकलौते ऐसे शंकराचार्य हैं जिन्हें राजनीति में बड़ी दिलचस्पी है। और ये दिलचस्पी राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद से कुछ ज़्यादा ही बढ़ी हुई नज़र आई। मोदी को लेकर तरह तरह की बयानबाज़ी जो शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ़ से की गई वो किसी से कहां छिपा है ? मोदी को खूब कोसने के बाद हालाँकि उन्होंने अपने बयान से रातों रात य टर्न ले लिया था।
मुद्दा ख़त्म हो गया था। रही सही कसर अनंत राधिका की शादी में पूरी हो गई जहां पर मोदी ने शंकराचार्य तो प्रणाम किया तो उन्होंने भी आशीर्वाद दिया था। अब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी के आदेश पर भी अपनी राय रखी है। उन्होंने इस आदेश पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि इसे अचानक से नहीं लाया जाना चाहिए था। क्या कुछ कहा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ये सुनने के लिए आप हमारे यूट्यूब पेज NMF न्यूज़ पर जाकर सुन सकते है ।
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