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उप निबंधक कार्यालयों की सुरक्षा होगी और मजबूत, यूपी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

मुख्य सचिव अमित गुप्ता द्वारा महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश लखनऊ को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस व्यवस्था के अंतर्गत कुल 315 भूतपूर्व सैनिकों एवं 789 होमगार्डों की तैनाती की जाएगी. इसके लिए शासन ने वार्षिक 40.53 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है. यह व्यय पूरी तरह शासन स्तर से वहन किया जाएगा ताकि सुरक्षा प्रबंधों को बिना किसी बाधा के लागू किया जा सके.

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उत्तर प्रदेश शासन ने प्रदेश भर के उप निबंधक कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.

UP में सुरक्षा व्यवस्था में होगा बड़ा सुधार

स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रवेन्द्र जायसवाल ने बताया कि प्रदेश के कुल 380 उप निबंधक कार्यालयों में अब भूतपूर्व सैनिकों एवं होमगार्डों की तैनाती सुरक्षा गार्ड के रूप में की जाएगी. इस निर्णय का उद्देश्य अभिलेखों, संपत्ति पंजीकरण दस्तावेजों, कंप्यूटर प्रणाली तथा अन्य महत्वपूर्ण संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

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उप निबंधक कार्यालयों में तैनात होंगे भूतपूर्व सैनिक और होमगार्ड

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मुख्य सचिव अमित गुप्ता द्वारा महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश लखनऊ को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस व्यवस्था के अंतर्गत कुल 315 भूतपूर्व सैनिकों एवं 789 होमगार्डों की तैनाती की जाएगी. इसके लिए शासन ने वार्षिक 40.53 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है. यह व्यय पूरी तरह शासन स्तर से वहन किया जाएगा ताकि सुरक्षा प्रबंधों को बिना किसी बाधा के लागू किया जा सके.

शासनादेश के अनुसार, सुरक्षा सेवाओं की तैनाती उत्तर प्रदेश भूतपूर्व सैनिक निगम लिमिटेड एवं होमगार्ड विभाग के माध्यम से की जाएगी. महानिरीक्षक निबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे न्यूनतम आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करें और इसकी प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजें. विशेष रूप से यह निर्देश दिया गया है कि जिन उप निबंधक कार्यालयों का संचालन निजी परिसरों या किराए के भवनों में किया जा रहा है, वहां भी सुरक्षा गार्ड की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाए. इसके अलावा प्रदेश के 269 कार्यालयों में 789 होमगार्ड विशेष रूप से तैनात किए जाएंगे जिनके भुगतान के लिए लगभग 3.37 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है.

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कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप

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शासन का कहना है कि बढ़ते डिजिटलीकरण और संपत्ति पंजीकरण के कार्यभार को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है. नई व्यवस्था से न केवल दस्तावेजों और अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि कार्यालयों में पारदर्शी एवं भरोसेमंद कार्य वातावरण भी विकसित होगा. मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवंटित बजट का उपयोग पूरी पारदर्शिता एवं नियमों के तहत किया जाए तथा यदि किसी प्रकार की देरी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. यह जानकारी सहायक आयुक्त स्टांप द्वितीय गौतम बुद्ध नगर ब्रिजेश कुमार द्वारा प्रदान की गई. शासन के इस निर्णय से प्रदेश के पंजीयन कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप मिलने की उम्मीद है.

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