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BMC चुनाव को लेकर महायुति में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला आया सामने, बीजेपी 128 सीटों पर लड़ेगी, जानें किसे मिली कितनी सीट?
आगामी BMC चुनाव को लेकर महायुति में सीट शेयरिंग पर सहमति बन गई है. जहां बीजेपी, शिवसेना और RPI साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी, वहीं अजित पवार की NCP के अलग लड़ने की खबर सामने आ रही है.
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देश और एशिया की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी कि BMC चुनाव के लिए महाराष्ट्र में आम चुनाव और विधानसभा चुनाव जैसी तैयारी, गठजोड़ और रणनीति पर काम जारी है. महायुति, ठाकरे ब्रदर्स, कांग्रेस आदि गठबंधन सीट शेयरिंग को अंतिम रूप देने में लगे हैं. इसी बीच खबर सामने आ रही है कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन महायुति में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों को लेकर सीटों पर सहमति बन गई है और फॉर्मूला भी सामने आ गया है, वहीं अब बस औपचारिक ऐलान बाकी है.
आपको बता दें कि देर रात भारतीय जनता पार्टी के विधायक और मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष अमित साटम ने जानकारी दी कि सीटों के बंटवारे पर बातचीत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका के चुनाव के दृष्टिकोण से भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और आरपीआई की महायुति की एक अहम बैठक हुई है. इस बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी की संयुक्त सभाएं कहां-कहां आयोजित होंगी, कैंपेन किस दिशा में आगे जाएगा, इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई.
कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा?
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उन्होंने आगे कहा कि महायुति की सीट शेयरिंग को लेकर भी आम सहमति बन चुकी है. भारतीय जनता पार्टी 227 में से 128 सीटों पर और शिवसेना 79 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. कुल मिलाकर 227 में से 207 सीटों पर आम सहमति बन गई है. साटम ने आगे कहा कि जो शेष 20 सीटें बची हैं, उन 20 सीटों पर कौन सा उम्मीदवार होगा और किस घटक दल का उम्मीदवार उतरेगा, इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा. ऊपर स्तर पर निर्णय होने के बाद आने वाले समय में इसकी जानकारी दी जाएगी. पूरे 227 सीटों में सभी घटक दलों को सम्मान दिया जाएगा और सबका सम्मान रखा जाएगा. आने वाले दिनों में उम्मीदवार अपने नामांकन दाखिल करेंगे.
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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए 15 जनवरी 2026 को वोट डाले जाएंगे और वोटों की गिनती अगले दिन 16 जनवरी को होगी.
वहीं भाजपा विधायक राम कदम ने जानकारी दी कि BMC चुनावों के बारे में यह तय हुआ है कि हम गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेंगे. हम शिवसेना और आरपीआई के साथ मिलकर काम करेंगे. उन्होंने यह भी दावा किया कि विकास के बलबूते पर BMC चुनाव में हमें जीत मिलेगी.
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बीजेपी ने करीब-करीब उम्मीदवारों के नाम फाइनल किए!
उम्मीदवारों को लेकर भाजपा विधायक ने कहा कि चुनावों को लेकर जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ भी कई बैठकें हो चुकी हैं. महत्वपूर्ण यह नहीं है कि कौन कहां से चुनाव लड़ रहा है या नहीं लड़ रहा है. जरूरी बात यह है कि कौन-सा उम्मीदवार चुनाव लड़े, जिसे जनता का समर्थन मिले और वह जीत कर आए. उन्होंने कहा कि हम ऐसे उम्मीदवारों का चयन कर रहे हैं. इसके लिए रात तक बातचीत फाइनल हो जाएगी. जल्द ही महायुति की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा भी की जाएगी.
बांद्रा के रंग शारदा होटल में हुई महायुति की बैठक!
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बता दें कि BMC चुनाव को लेकर सीट बंटवारे पर लगातार दूसरे दिन बांद्रा के रंग शारदा होटल में महायुति की कोऑर्डिनेटिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई. इसमें मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम, मंत्री आशीष शेलार और विधायक प्रसाद लाड व प्रवीण दरेकर भी शामिल रहे.
BMC में महायुति से अलग चुनाव लड़ेगी NCP (अजित पवार गुट)
हालांकि राज्य विधानसभा में महायुति गठबंधन में शामिल NCP के अकेले चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच पार्टी ने BMC चुनाव को लेकर अपनी बैठक बुलाई है. NCP नेता सुनील दत्तात्रेय तटकरे ने कहा, “पिछले तीन दिनों में अलग-अलग नेताओं के साथ मीटिंग हुई हैं. इस मीटिंग के नतीजे अजित पवार को पहले ही बता दिए गए हैं और 30 दिसंबर की शाम तक यह साफ हो जाएगा कि NCP कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी. फाइनल सूची 30 दिसंबर को दोपहर तीन बजे घोषित की जाएगी.”
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ठाकरे ने भगवा छोड़ थाम लिया हरे रंग का झंडा: अमित साटम
उन्होंने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे ने हिंदू हृदय सम्राट, शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के विचारों को छोड़कर जो रास्ता वर्ष 2019 में अपनाया, उसी रास्ते पर चलते-चलते उन्होंने अपने हाथ में हरे रंग का झंडा थाम लिया है. इस झंडे को हाथ में लेकर उनकी रैलियों में पाकिस्तान के झंडे फहराए गए. उनकी रैली में बम विस्फोट के आरोपी ने प्रचार किया. छत्रपति संभाजीनगर के रशीद मामू, जिन्होंने छत्रपति संभाजीनगर के नामकरण का विरोध किया था, ऐसे मामू को उन्होंने अपनी पार्टी में प्रवेश दिया, जिनकी रैलियों में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए थे.
तुष्टिकरण की राजनीति पर उतरे उद्धव ठाकरे: अमित साटम
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उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मामू को पार्टी में प्रवेश देने के बाद अब एक मुल्तानी को भी पार्टी में शामिल किया गया है, जिसके ऊपर मोलेस्टेशन, फर्ज़ी और फ्रॉड जैसे गंभीर केस दर्ज हैं. ऐसे मुल्तानी को, ऐसे जिहादी को पार्टी में प्रवेश देना यह स्पष्ट करता है कि उद्धव ठाकरे अपनी समाप्त हो चुकी राजनीति को फिर से जीवित करने के लिए अपीज़मेंट पॉलिटिक्स कर रहे हैं और मुंबई शहर का रंग बदलने की कोशिश कर रहे हैं.
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लेकिन भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और आरपीआई की जो महायुति है, वह आने वाले समय में हिंदुत्व का भगवा झंडा मुंबई महानगरपालिका पर फहराएगी. मुंबई शहर का विकास जिस तरह से हो रहा है, उसी के साथ मुंबई शहर को सुरक्षित रखने के दृष्टिकोण से भी महायुति पूरी मजबूती के साथ आगे कार्रवाई करेगी.